जमशेदपुर: झारखंड तेलुगु ब्राह्मण संघम (JTBS) की ओर से रविवार को कदमा स्थित श्री बी. जी. विलास ऑडिटोरियम में 15वीं शताब्दी के महान संत, कवि और संगीतकार तल्लापाका अन्नमाचार्य की स्मृति में “अन्नमाचार्य वर्धन्ति संगीत समर्पण” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रस्तुत भक्ति संगीत की मधुर धुनों ने पूरे सभागार को भक्तिमय माहौल से भर दिया।
कार्यक्रम में श्रीमती टी. मंगा तायरू और उनकी टीम ने गायक के. श्रीनिवास के साथ मिलकर अन्नमाचार्य के भक्ति संकीर्तनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनके सुरों की मधुरता और लयबद्ध गायन ने सभागार में मौजूद महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में एडीएल सोसाइटी के अध्यक्ष वाई. ईश्वर राव, जेटीबीएस के उपाध्यक्ष मेजर (सेवानिवृत्त) के. सत्यानारायण, एम. बी. सुब्रमण्यम, जी. विजय लक्ष्मी, बी. श्रीनिवास, डॉ. राहुल चंद्र, श्रीमती टी. कविता, श्रीमती जी. मोहिनी और श्रीमती सी.एच. माधुरी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जेटीबीएस के संस्थापक जी. गोपाल कृष्ण भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री बी. जी. विलास के अध्यक्ष तथा जेटीबीएस के कोषाध्यक्ष वाई. के. शर्मा के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया।
इस मौके पर अपने संबोधन में एम. बी. सुब्रमण्यम ने अन्नमाचार्य के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म आंध्र प्रदेश के राजमपेटा के थल्लापाका गांव में हुआ था। वे दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तेलुगु संत, संगीतकार और रचनाकार थे, जिन्होंने भक्ति गीतों की विशेष शैली “संकीर्तन” को लोकप्रिय बनाया। उनके अधिकांश संकीर्तन भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति में रचे गए हैं, जिन्हें विष्णु का अवतार माना जाता है।
कार्यक्रम के अंत में जेटीबीएस के संस्थापक जी. गोपाल कृष्ण ने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

