आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, बोले – “बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, मरने नहीं”
चतरा : झारखंड के चतरा जिले से सरकारी स्कूल की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हंटरगंज प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय सेलवार में मिड-डे मील में कथित तौर पर बासी खाना परोस दिए जाने से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों को उल्टी और दस्त होने लगे, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। इधर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्यालय में ताला जड़ दिया। ग्रामीणों और छात्रों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों को बासी चावल गर्म कर खिलाया गया। बच्चे जैसे ही मिड-डे मील खाकर घर पहुंचे, कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। जब अभिभावकों ने बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने डरते-डरते बताया कि स्कूल में बासी चावल खिलाया गया था।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में शुक्रवार को मिड-डे मील का भोजन बन रहा था। इसी दौरान खाना आधा ही पका था कि गैस खत्म हो गई। इसके बाद रसोइयों और शिक्षकों ने अधपके चावल को रसोई घर में प्लास्टिक पर फैलाकर छोड़ दिया। अगले दिन शनिवार को उसी बचे हुए चावल को दोबारा गर्म कर बच्चों की थाली में परोस दिया गया। खाना खाने के कुछ ही घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और कई बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए। घबराए अभिभावकों ने बच्चों का इलाज गांव के चिकित्सकों से कराया। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया और विरोध स्वरूप स्कूल में ताला जड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल में बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और अक्सर सिर्फ खिचड़ी ही परोस दी जाती है। एक अभिभावक ने गुस्से में कहा —
“हम अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, मरने के लिए नहीं। अगर स्कूल में यही हाल रहा तो बच्चों की जान खतरे में पड़ जाएगी।”
मुखिया प्रतिनिधि ने कराया मामला शांत
हंगामे की सूचना मिलने पर मुखिया प्रतिनिधि रामबाबू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उनके हस्तक्षेप के बाद स्कूल का ताला खुलवाया गया और पढ़ाई दोबारा शुरू कराई गई। इधर घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग ने पूरे जांच की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में जब स्कूल की प्राचार्या मीरा देवी से पूछताछ की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और जल्द ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अब सवाल यह है कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर आखिर कब तक कार्रवाई होगी?
या फिर सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के नाम पर ऐसे ही लापरवाही चलती रहेगी।

