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14 वर्षीय खुशी बोदरा ने लगाई फांसी, मंझारी थाना पुलिस जांच में जुटी

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिला के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिलका पंचायत के सरकन गांव में 4 मार्च (बुधवार) को 14 वर्षीय खुशी बोदरा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को मंझारी थाना पुलिस द्वारा चाईबासा के सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

घटना की जानकारी देते हुए खुशी के मामा सिलाई टोपनो ने बताया कि उनकी बहन जेमनी बोदरा का पहला विवाह कोल शिमला थाना, खरसावां, जिला सरायकेला-खरसावां में हुआ था। उन्होंने बताया कि दामाद के अत्यधिक नशा करने और आए दिन झगड़ा करने के कारण जेमनी बोदरा अपनी बेटी खुशी को लेकर मायके वापस आ गई थीं। इसके बाद खुशी यहीं रहकर पढ़ाई कर रही थी और वर्तमान में आठवीं कक्षा की छात्रा थी।

सिलाई टोपनो के अनुसार बाद में जेमनी बोदरा की दूसरी शादी गांव के ही दोना लमाई के साथ हुई। उन्होंने बताया कि पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। इसी बीच गांव में दो दिन पहले किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। 4 मार्च को जेमनी बोदरा ने अपनी बेटी खुशी से सामाजिक कार्य में साथ चलने को कहा, लेकिन खुशी ने जाने से मना कर दिया। इसके बाद जेमनी बोदरा स्वयं वहां चली गईं।

दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच जब जेमनी बोदरा वापस लौटीं तो वह छूत में थीं और सिरदर्द की शिकायत कर रही थीं। उन्होंने खुशी को कई बार आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जब दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो खुशी घर के अंदर फंदे से झूलती मिली।

घटना की सूचना तुरंत गांव के मुंडा, मानकी और डाकूवा को दी गई। ग्रामीण मुंडा द्वारा मंझारी थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजन और ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर खुशी ने यह कदम क्यों उठाया और इसके पीछे क्या कारण हो सकता है। मंझारी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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