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Wed. Mar 4th, 2026

टाटा मेन अस्पताल गेट के बाहर नौ फुटपाथ दुकानों में आग, लाखों का नुकसान

जमशेदपुर। टाटा मेन अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर स्थित फुटपाथ दुकानदारों की नौ दुकानों में मंगलवार की देर रात अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगा देने की घटना सामने आई है। घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र की है। आगजनी में चाय, फल और नाश्ते के ठेले तथा गुमटियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। बुधवार सुबह जब दुकानदार रोज की तरह अपनी दुकानें खोलने पहुंचे तो वहां का दृश्य देख कर उनके होश उड़ गए। पूरी दुकानें जल चुकी थीं और आसपास राख के ढेर बिखरे पड़े थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सभी दुकानदार मंगलवार रात करीब 10 बजे के बाद अपनी-अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए थे। देर रात अचानक आग लगने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना की पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक नौ दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं। आग इतनी तेज थी कि ठेलों पर रखे गैस सिलेंडर, बर्तन, फल, चाय बनाने के उपकरण और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गए।

पीड़ित दुकानदारों के अनुसार प्रत्येक दुकान में लगभग तीन से चार लाख रुपये तक का सामान था। कई दुकानदारों ने हाल ही में उधार लेकर सामान खरीदा था। उनका कहना है कि यह उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था और अचानक हुए इस नुकसान से वे आर्थिक रूप से टूट गए हैं। कुछ दुकानदारों ने आशंका जताई है कि यह सुनियोजित तरीके से की गई आगजनी हो सकती है, क्योंकि एक साथ कई दुकानों में आग लगी। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बुधवार सुबह घटनास्थल पर मार्मिक दृश्य देखने को मिला। दुकानदार राख के ढेर में अपने बचे-खुचे सामान को तलाशते नजर आए। कई लोग रोते-बिलखते दिखे। आसपास के स्थानीय लोगों ने भी पीड़ितों को ढांढस बंधाया। अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया, क्योंकि ये दुकानें अस्पताल परिसर के बाहर जरूरतमंदों के लिए सस्ती चाय-नाश्ते की सुविधा उपलब्ध कराती थीं।

बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में आगजनी की आशंका जताई गई है। अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पीड़ित दुकानदार प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते उन्हें सहायता नहीं मिली तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

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