जमशेदपुर। जमशेदपुर न्यायालय के सचिव कुमार राजेश रंजन इन दिनों न्यायालय परिसर में सक्रिय रूप से अधिवक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। नया कोर्ट और पुराना कोर्ट परिसर में वे व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर अपने समर्थन में मतदान की अपील कर रहे हैं। उनका सीरियल नंबर 33 है, जिसे लेकर वे अधिवक्ताओं से समर्थन और आशीर्वाद की अपेक्षा जता रहे हैं।
कुमार राजेश रंजन की पहचान न्यायालय में एक ईमानदार, सौम्य और कर्मठ व्यक्तित्व के रूप में की जाती है। वर्षों से न्यायालयीन व्यवस्था से जुड़े रहने के कारण उन्हें अधिवक्ताओं की समस्याओं, प्रक्रियागत चुनौतियों और प्रशासनिक आवश्यकताओं की गहरी समझ है। यही कारण है कि वे इस चुनाव को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि न्यायालय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
अधिवक्ताओं से मुलाकात के दौरान वे स्पष्ट रूप से कहते हैं कि उनका उद्देश्य पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना है। वे न्यायालय परिसर में बेहतर समन्वय, त्वरित कार्य निष्पादन और अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हैं। उनका मानना है कि नेतृत्व वही सार्थक है, जो संवाद और विश्वास की नींव पर खड़ा हो।
कुमार राजेश रंजन का व्यक्तित्व संयमित, मिलनसार और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण माना जाता है। वे प्रशासनिक कौशल, पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अधिवक्ताओं के बीच उनकी साफ-सुथरी छवि और कार्य के प्रति समर्पण की चर्चा भी हो रही है।
चुनावी माहौल के बीच वे सकारात्मक सोच और विकास की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि अधिवक्ताओं का विश्वास मिला, तो वे न्यायालयीन व्यवस्था को और अधिक सुगम, तकनीकी रूप से सक्षम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस पहल करेंगे। फिलहाल वे न्यायालय परिसर में जनसंपर्क के माध्यम से समर्थन जुटा रहे हैं और अधिवक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि वे सीरियल नंबर 33 पर अपना कीमती मत देकर उन्हें सेवा का अवसर प्रदान करें। वहीं संजीव झा केशव सिंह सीमा जी वीरू भाई और यह अधिवक्तागण महिला अधिवक्तागंन सब साथी ने भी समर्थन दिया है।

