चाईबासा। झारखंड के नक्सल प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र से गुरुवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस महानिदेशक झारखंड और सीआरपीएफ महानिदेशक के संयुक्त नेतृत्व में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत किरीबुरू थाना क्षेत्र में संचालित विशेष अभियान “मेधाबुरू” के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी समेत कुल 15 नक्सली मारे गए हैं। मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे से 209 कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम सारंडा के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान अनल उर्फ पतिराम मांझी के नेतृत्व वाले सशस्त्र माओवादी दस्ते ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई दौर की मुठभेड़ चली, जिसके बाद इलाके की तलाशी में 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में अब तक 11 मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक करोड़ रुपये का इनामी शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी के अलावा झारखंड, ओडिशा और एनआईए द्वारा इनामी घोषित कई बड़े माओवादी कमांडर शामिल हैं। बताया गया है कि मारा गया दस्ता लंबे समय से कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सुरक्षाबलों पर हमलों, आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में सक्रिय था। वर्ष 2022 के बाद से इस क्षेत्र में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में अनल उर्फ पतिराम मांझी की अहम भूमिका रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है और संगठन की कमर टूट गई है। सुरक्षाबलों की इस सफलता को नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक माना जा रहा है। झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।
फिलहाल पूरे इलाके में सर्च अभियान जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। अभियान के पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई और बरामदगी से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।

