पटना। राजधानी पटना में पुलिस और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात अपराधी परमानंद यादव के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। इस एनकाउंटर में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है। पुलिस के अनुसार परमानंद यादव लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी है और बिहार-झारखंड में गैंग से जुड़े आपराधिक नेटवर्क को संभाल रहा था।
घटना पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि परमानंद यादव किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए पटना पहुंचा है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और उसकी लोकेशन ट्रैक की जाने लगी। बुधवार रात उसके मसौढ़ी थाना क्षेत्र से गुजरने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने एनएच-22 पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक पल्सर बाइक वहां पहुंची। जैसे ही बाइक लाला बीघा गांव के पास पहुंची, पुलिस ने उसे चारों ओर से घेर लिया और रुकने का इशारा किया।
खुद को घिरा देख परमानंद यादव ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लग गई, जिससे वह गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से हथियार भी बरामद किए गए। इस मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया।
पुलिस के मुताबिक परमानंद यादव झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत चेतर गांव का रहने वाला है। वह बिहार में अपने आपराधिक नेटवर्क को फैलाने की कोशिश कर रहा था। इससे पहले वह झारखंड के कुख्यात राहुल सिंह गैंग के लिए भी काम कर चुका है और राहुल सिंह का करीबी माना जाता है। परमानंद यादव के खिलाफ बिहार और झारखंड में 36 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पहले इश्तिहार जारी किया जा चुका है और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि परमानंद यादव के पास लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। उल्लेखनीय है कि यह जनवरी महीने में बिहार का चौथा पुलिस एनकाउंटर है। इससे पहले 15 जनवरी को पटना के मनेर में नीतीश यादव, 11 जनवरी को बाढ़ में प्रह्लाद कुमार और 2 जनवरी को खगौल में मैनेजर राय पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

