जमशेदपुर। सोमवार को गोलमुरी चौक पर यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट चेकिंग अभियान के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने पूरे माहौल को मानो सीख और सम्मान के रंग में रंग दिया। पुलिस अधिकारी एक-एक कर बाइक सवारों की जांच कर रहे थे, तभी एक पगड़ीधारी सिख युवक बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए रुका लिया गया। अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए उसे हेलमेट पहनने की सलाह दी, जिस पर युवक ने शांत स्वर में कहा कि अपने धर्म और पगड़ी के ऊपर हेलमेट पहनना में असमर्थता जताई।
युवक ने बताया कि पगड़ी उनके लिए सिर्फ सिर पर बंधा कपड़ा नहीं, बल्कि उनके धर्म और अस्मिता का प्रतीक है। इस पर पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया कि कानून सबके लिए समान है और सड़क सुरक्षा सबसे पहले आती है। दोनों के बीच कुछ देर तक आदर और तर्क के बीच संवाद चलता रहा। अधिकारी ने कानून का महत्व समझाया तो युवक ने अपनी धार्मिक आस्था की मर्यादा बताई।
अंत में पुलिस अधिकारी ने मुस्कुराते हुए युवक को एक पुष्प भेंट किया और कहा, “हम आपका धर्म और भावना समझते हैं, लेकिन आपकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। हम चाहते हैं कि आप सुरक्षित रहें, यही सबसे बड़ी श्रद्धा है।” युवक ने भी अधिकारी के इस व्यवहार की सराहना की और धन्यवाद दिया।
वहीं, अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने अन्य बाइक चालकों और ट्रिपल सवारों को भी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की। जिन्होंने नियमों का पालन किया, उन्हें पुष्प देकर सम्मानित भी किया गया। गोलमुरी का यह दृश्य न केवल यातायात अभियान की सख्ती बल्कि संवाद, संवेदनशीलता और परस्पर सम्मान की मिसाल बन गया।

