जमशेदपुर: राम नगर, कदमा में भारतीय युगवशिष्ट ब्रह्मानंद संघ के संस्थापक, ब्रह्मलोकवासी श्रद्धेय श्री ब्रह्मानंद शास्त्री जी महाराज की जयंती के शताब्दी वर्ष (1928–2028) के उपलक्ष्य में कदमा, रामनगर स्थित ब्रह्मलोकधाम में भव्य सुखमनी साहिब पाठ का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया।
इस पावन अवसर पर धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया गया। पूरे श्रद्धा-भाव से सुखमनी साहिब का पाठ संपन्न हुआ, जिसके उपरांत ज्ञानी जरनैल सिंह जी ने अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक व्याख्या प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन अरदास एवं लंगर प्रसाद के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गहन भक्ति-भाव से सहभागिता की।
अमरप्रीत सिंह काले ने बताया कि यह दिन उनके लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण रहा। उन्हें बेलडीह कालीबाड़ी मंदिर में आयोजित इस दिव्य उत्सव में सम्मिलित होने का सुअवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा _
> “पूज्य गुरु ब्रह्मलोकवासी श्रद्धेय श्री ब्रह्मानंद शास्त्री जी महाराज का इस धरती पर आगमन सम्पूर्ण मानवता के लिए नई दिशा देने वाला रहा। उनका जीवन अद्वितीय, अवर्णनीय और प्रेरणादायी है।”
कार्यक्रम में स्त्री सत्संग सभा, नौजवान सभा, सभी गुरुद्वारा समितियों एवं सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की सक्रिय भूमिका रही। पूरे मर्यादा, अनुशासन और गरिमा के साथ सम्पन्न इस आयोजन ने सभी के हृदयों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
अमरप्रीत सिंह काले ने विशेष रूप से छोटे गुरुजी, आदरणीय श्री मोनू भट्टाचार्य जी तथा संपूर्ण समिति एवं गुरु भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं, जिन्होंने इस अवसर को अविस्मरणीय बनाया।
अंत में उन्होंने कामना की —
> “परमात्मा इस संस्था को निरंतर शक्ति, स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करे, ताकि यह समाज के कल्याण और अध्यात्म की ज्योति के प्रसार में अपना योगदान सतत देती रहे।”

