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Wed. Mar 4th, 2026

घाघीडीह सेंट्रल जेल में सलाखों के पार सजी राखी की डोर, बहनों ने अपने कैदी भाईयों को बांधी राखी

जमशेदपुर। रक्षाबंधन का त्योहार शनिवार को घाघीडीह सेंट्रल जेल में भावुक माहौल के बीच मनाया गया। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का यह पर्व यहां भी उमंग के साथ मनाया गया, लेकिन इस मिलन में सलाखों का फासला और आंखों की नमी भी शामिल थी। बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी, तिलक किया और मिठाई खिलाई—सब कुछ लोहे के गेट के पार से।

जेल प्रशासन ने इस खास मौके के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। बहनों को पाँच-पाँच के समूह में प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रवेश से पहले महिला पुलिसकर्मियों ने उनकी पूरी तलाशी ली और केवल राखी, मिठाई और पारंपरिक पूजा सामग्री ही अंदर ले जाने की इजाजत दी। किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अतिरिक्त सामान पर सख्त पाबंदी थी।

गेट के इस पार खड़ी बहनें और उस पार खड़े भाई—दोनों ओर भावनाओं का सैलाब था। कहीं मुस्कुराहटें थीं तो कहीं आंसुओं से भरी आंखें। बहनों ने भगवान से दुआ की कि अगले साल वे अपने भाइयों को घर पर राखी बांध सकें, न कि जेल की दीवारों के पार से। कई ने उम्मीद जताई कि उनके भाई जल्द रिहा होकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

जेल अधीक्षक ने बताया कि ऐसे अवसर कैदियों को परिवार और रिश्तों के महत्व का एहसास कराते हैं तथा उन्हें सकारात्मक सोच और बदलाव की ओर प्रेरित करते हैं। इस अवसर ने एक बार फिर साबित किया कि स्नेह और अपनापन किसी ताले, दीवार या सलाख से बंधा नहीं रह सकता।

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