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Sun. Sep 6th, 2026

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त की अध्यक्षता में नोडल पदाधिकारियों की बैठक, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के दिए निर्देश

जमशेदपुर। समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में सभी प्रखंडों और नगर निकायों के नोडल पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जमीनी स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण और अनुश्रवण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए।

 

उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए निरीक्षण जरूरी है। उन्होंने विद्यालयों में पठन-पाठन, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य वितरण, कृषि और बागवानी की स्थिति, टीकाकरण, जल जीवन मिशन, मनरेगा, पेंशन योजनाएं, झारखंड मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना और अन्य विकास कार्यों की स्थिति की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 

प्रत्येक शनिवार अनिवार्य क्षेत्र भ्रमण का निर्देश

 

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी नोडल पदाधिकारी प्रत्येक शनिवार अपने-अपने प्रखंड और नगर निकाय का क्षेत्र भ्रमण करेंगे। भ्रमण से पहले हर शुक्रवार की संध्या तक पंचायत का नाम सूचित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक और उच्च विद्यालय, जन वितरण प्रणाली की दुकानें, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, मनरेगा की योजनाएं और सरकारी गोदामों की स्थिति की जांच करनी होगी।

 

निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट अगले सोमवार तक जिला प्रशासन को प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही, निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों और अनुपालन आदेशों की समीक्षा अगले निरीक्षण से पहले शुक्रवार को की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी नोडल पदाधिकारी जिला मुख्यालय से बाहर जाने की स्थिति में पहले से लिखित सूचना देकर प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेगा।

 

नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति

 

बैठक में विभिन्न प्रखंडों और नगर निकायों के लिए नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। इनमें उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक आईटीडीए, अपर उपायुक्त, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और जिला परिवहन पदाधिकारी शामिल हैं।

 

उपायुक्त ने सभी नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पंचायत क्षेत्रों में सरकारी संस्थानों और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक सही समय पर पहुंच सके।

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