मंगलवार की सुबह भी अधिकारियों के समझाने के बावजूद अपनी मांग पर अड़े रहे, नहीं खोला किसी कार्यालय का ताला।
महुआडांड़ संवाददाता शहजाद आलम की रिपोर्ट
छेछारी परगना के सदस्य मंगलवार को भी कार्यालय खुलने के समय तक वहां कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठे हुए हैं। इनके द्वारा वहीं पर खाना बनाया व खाया जा रहा है। आज इन लोगों के द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का भी इंतजाम किया गया है।

साथ ही वहां पर दान पेटी भी बजापते रखा गया है। धरना को लेकर सभी अधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी नित निखिल सुरीन, एस डी पी ओ राजेश कुजूर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अमरेन डांग, अंचलाधिकारी प्रताप टोप्पो,थाना प्रभारी आशुतोष यादव के द्वारा समझाने के बावजूद भी अपने मांगों पर अडे़ रहे।
अधिकारी लोग समझाते हुए वीडियो देखें

अनुमंडल पदाधिकारी नीत निखिल सुरीन ने कहा संविधान सभी के लिए है भारतवर्ष में जितने भी लोग हैं सभी के लिए संविधान है। आप सविधान के पांचवी अनुसूची में आते हैं आप संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ लीजिए जो पहला पेज देखें उसमें क्या लिखा हुआ है। आप कहते हैं हम राष्ट्रपति और राज्यपाल को मानते हैं तो जैसे ही हम लोगों को राष्ट्रपति या राज्यपाल का आदेश आ जाएगा हम लोगों के द्वारा बोर्ड लगा दिया जाएगा। और संविधान की व्याख्या न्यायालय करता है। आप हमें संविधान दिखाइए आप लोगों के द्वारा बोर्ड गाढ़ा गया था अगर संविधान में और बोर्ड में वही लिखा होगा तो उसे लगा दिया जाएगा। आप लोगों के द्वारा संविधान की व्याख्या गलत तरीके से की गई है।

समझाने के बावजूद भी नहीं माने छेछोरी परगना के सदस्य।

सभी अधिकारियों के इतने समझाने बुझाने के बावजूद भी छेछारी परगना के सदस्य मानने को तैयार नहीं है। उन लोगों का कहना है कि पांचवी अनुसूची को लेकर जो हम लोगों के द्वारा बोर्ड लगाया गया था प्रशासन उसी जगह पर जहां पर से उखाड़ आ गया है बोर्ड लगा दे। बताते चलें कि यह धरना या आंदोलन छेछारी परगना के सदस्यों शुक्रवार के द्वारा शुक्रवार से ही किया जा रहा है। प्रशासन के द्वारा बोर्ड उखाड़ने के बाद यह मामला तूल पकड़ा है।

