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बूढ़ा पहाड़ के आसपास के इलाके से लगातार धमाके की आवाज से गूंज रहा है पीटीआर

*बूढ़ा पहाड़ के आसपास के इलाके से लगातार धमाके की आवाज से गूंज रहा है पीटीआर*

 

*लातेहार*

झारखण्ड छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के जंगल में लागातार जोरदार विस्फोट से आस पास के गांव तथा पलामू टाइगर रिजर्व का क्षेत्र गूंज रहा है। ऐसा माना जा रहा है की जिस क्षेत्र से धमाके की आवाज आ रहा है, बुढ़ा पहाड़ के चारो ओर का ही इलाका है। धमाके की आवाज से स्थानीय ग्रामीणों में काफी भय का महौल है। हालांकि सुरक्षा बलों द्वारा सतर्क होकर घनघोर जंगलों में भी सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। कुछ स्रोत की माने तो 25 लाख के इनामी नक्सली सौरभ समेत लगभग 50 से 60 माओवादियों के बूढ़ा पहाड़ में कैंप करने की सूचना है। आज यानि शुक्रवार को सुबह से ही धमाके की आवाज लागातार सुनाई पड़ रही है।

 

*बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में पहले भी चलाया जा चूका है अभियान*

 

बूढ़ा पहाड़ के आसपास के क्षेत्रों 2018 के बाद माओवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा जांच अभियान शुरू किया गया है.। इस अभियान के क्रम में बूढ़ापहाड़ से दूर थलिया एवं तिसिया में विस्फोट की चर्चा है। यह क्षेत्र संवेदनशील होने के कारण यह पता नहीं चल पाया है कि विस्फोट नक्सलियों ने किया है या माओवादियों द्वारा लगाए गए लैंड माइंस को सुरक्षाबलों ने नष्ट किया है। बूढ़ा पहाड़ के इलाके में माओवादियों के खिलाफ अभियान का शुक्रवार को दूसरा दिन है। बूढ़ा पहाड़ इलाके में इस अभियान में सुरक्षा बलों की 40 से अधिक कंपनियों को तैनात किया गया है।

इस अभियान में कोबरा, जगुआर एसाल्ट ग्रुप, सीआरपीएफ, जैप, आईआरबी को तैनात किया गया है। सीआरपीएफ जैप और आईआरबी ने इलाके में घेराबंदी की है, जबकि कोबरा और जगुआर माओवादियों के खिलाफ स्ट्राइक कर रही है।

 

*लगभग 10 वर्षों से माओवादियों के लिए बुढ़ा पहाड़ को सबसे बड़ा ठिकाना माना जाता है*

 

सूत्रों की माने तो माओवादियों ने बूढ़ा पहाड़ को झारखंड बिहार उत्तरी छत्तीसगढ़ सीमांत एरिया स्पेशल कमिटी का मुख्यालय बनाया था। इसी इलाके से माओवादी झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाके में सारी गतिविधि का संचालन करते हैं। फिलहाल बूढ़ा पहाड़ के इलाके में 25 लाख के इनामी माओवादी सौरभ उर्फ मरकस बाबा के नेतृत्व में माओवादी 40 से 50 की संख्या में कैम्प कर रहे हैं। बूढ़ा पहाड़ के इलाके में नवीन यादव , रबिन्द्र गंझू, मृत्युंजय भुइयां, संतु भुईयां जैसे टॉप माओवादियों के शरण लेने की सूचना है।

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