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Wed. Mar 18th, 2026

संत जेवियर महाविद्यालय महुआडांड़ द्वारा संत मिखाइल साले में लैंगिक समानता पर नुक्कड़ नाटक का मंचन।

संत जेवियर महाविद्यालय महुआडांड़ द्वारा संत मिखाइल साले में लैंगिक समानता पर नुक्कड़ नाटक का मंचन।

 

संत जेवियर कॉलेज के हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने लैगिंक समानता पर संत मिखाइल साले में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया लैगिंक समानता स्त्री पुरुष समानता में किसी समाज की वह स्थिति है जिसमें संसाधनों एवं अवसरों की उपलब्धता की दृष्टि से स्त्री और पुरुष में कोई भेदभाव नहीं किया जाता। स्त्री हो या पुरुष, सभी को आर्थिक भागीदारी एवं निर्णय-प्रक्रिया में समान रूप से देखा जाता है। समाज में स्त्रियों की रक्षा होनी चाहिए | लेकिन अशिक्षित, असभ्य लोग रक्षा करने के जगह पर उनका शोषण करते है |समाज की उन्नती के लिये दोनो का सहयोग जरूरी है |प्रो. अभय सुकुट डुंगडुंग ने कहा कि लड़कियों को विशेष रूप से केंद्रित कर बनाए कार्यक्रमों जैसे शिक्षा, जीवन कौशल विकसित करने, हिंसा को समाप्त करने और कमजोर व लाचार समूहों से लड़कियों के योगदान को स्वीकार कर उनको उन्मुखी कार्यक्रम द्वारा ही हम लड़कियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बना सकेंगे. महताब आलम ने कहा कि समाज में लड़कियों के महत्व को बढ़ाने के लिए पुरुषों, महिलाओं और लड़कों सभी को संगठित रूप मिलकर चलना होगा. समाज की धारणा व सोच बदलनी होगी, तभी समाज की सभी लड़कियों और लड़कों को लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए सहयोग की आवश्यकता है। उन्हें शिक्षा, कौशल विकास के साथ साथ सुरक्षा प्रदान करना होगा तब ही वे देश के विकास में योगदान कर सकेंगी. संत मिखाइल साले के प्रधानाध्यापिका सि. लिली ने कहा कि चुनौतीयों को साझा कर विकल्प के साथ समाज में बेहतर भविष्य बनाना होगा। कार्यक्रम में प्रो.एफ्रेम मिंज, मैम शैलजा किरण ,मैम पूनम ,मैम मंजू, मैम असीमा ,सर अमरदीप ,सर राजेंद्र सर इरशाद एवं गुलशन ,अंकिता व सभी विद्यार्थी उपस्थित थे

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