महुआडांड़
महुआडांड़ के बड़े चर्च में खजूर पर्व के अवसर पर मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर अनिल दयालू कुजूर द्वारा पवित्र मिस्सा पूजा कराया गया। उन्होंने बताया कि खजूर इतवार के साथ हम प्रभु के दु:खभोग ,मरण और पुनरूत्थान के सप्ताह में प्रवेश कर रहे हैं।आज का पर्व हमें उसी जुलूस की याद दिलाता है।जो दो हजार वर्ष पूर्व येरूसालेम शहर में निकाला गया था। हाथों में खजूर की डालियों लेकर जुलूस में भाग लेने का मतलब यह है कि हम येसू को अपने हदय में एवं जीवन में स्वागत करते हैं।आज से हम पवित्र सप्ताह आरंभ कर रहे हैं। इसके दौरान येसु को हम अपने मिशन की पराकाष्ठा तक पहुंचते हुए पायेंगे। उनके जीवन,वचन और शिक्षाओं के गहरे या गुड़ अर्थ को हर खुली घटना प्रत्यक्ष करेगी।इस पुण्य सप्ताह के दौरान येसु हमारी मानवीय स्थिति , हमारे जीवन के सब दु:ख दर्द कार्य चिंता,वेदना , आंशका इत्यादि की चर्चा करेंगे।वह अपने साथ हमें चलने के लिए आमंत्रित करते हैं।ताकि हम उनकी आत्मयता मनोवृत्ति का अनुकरण कर सकें।वहीं मिस्सा पूजा शुरू होने से पहले खजूर की डालियों के साथ चर्च परिसर में ही शोभायात्रा निकाली गई। जहां सभी ईसाई धर्मावलंबी के द्वारा प्रार्थना करते वापस वेदी के पास आकर प्रार्थना सभा में बदल गई।
संवाददाता शहजाद आलम महुआडांड़ से रिपोर्ट बबलू खान की