जमशेदपुर। हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को भुईयांडीह स्थित वीर शहीद सिद्धू-कान्हू चौक में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने हूल विद्रोह के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगना फूलो-झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूजा-अर्चना कर देश और समाज के लिए उनके अतुलनीय बलिदान को स्मरण किया गया।
इस अवसर पर दुलाल भुईयां ने कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की अमर गाथा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब देश में शोषित और वंचित समाज के सामने कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था, तब आदिवासी समाज के वीर सपूतों ने अन्याय के खिलाफ बिगुल फूंका और अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि आज भी समाज में जहां कहीं भी कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों का हनन होता है, वहां संघर्ष और परिवर्तन की शुरुआत प्रतिरोध से ही होती है। उन्होंने कहा कि क्रांति की आग कभी बुझती नहीं है और उसे कोई बुझा भी नहीं सकता। यह चिंगारी सदैव समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती रहती है। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की धरती है और यहां के महान स्वतंत्रता सेनानियों तथा जननायकों के कारण ही इस राज्य की पहचान पूरे देश में गौरव के साथ होती है। उन्होंने सभी लोगों से इन महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक श्रीमती पूर्णिमा दास साहू, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव, चंद्रशेखर मिश्रा सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में निमाई मंडल, मन्नू मंडल, कुंज बिभार, कमल राम यादव, सुनील दास, लुलु मंडल, नारायण श्यामल, धीरेन्द्र सिंह, महादेव सेन, अमित दास, अशोक कुमार, सदानन्द टोप्पो, सुबोल प्रमाणिक, विशाल नायक भुईयां, बादल भुईयां, लक्खी भुईयां,भूदुल भुईयां, सपन भुईयां, मथुरा भुईयां समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और हूल विद्रोह के अमर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

