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राम और कृष्ण अवतार मर्यादा, आनंद व धर्म के प्रतीक : सीताराम शास्त्री

बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जमशेदपुर: बिष्टुपुर के सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा व्यास सीताराम शास्त्री ने श्री वामन अवतार, श्रीराम जन्म और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान श्रद्धालु कथा श्रवण में पूरी तरह भावविभोर नजर आए।

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। मंदिर परिसर को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष के साथ जन्मोत्सव का उल्लास साझा किया।

अपने प्रवचन में सीताराम शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा, आदर्श और कर्तव्यनिष्ठ जीवन का संदेश देते हैं, जबकि वामन अवतार त्याग, दान और विनम्रता की महिमा को स्थापित करता है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण का जीवन यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए धर्म और सत्य की रक्षा कैसे की जाए। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण अवतार मानव जीवन को सदाचार, नैतिकता और ईश्वर के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाते हैं।

कथावाचक ने समुद्र मंथन, देवासुर संग्राम और वामन अवतार के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि वामन चरित्र अहंकार त्यागने और परोपकार की भावना अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु का वामन अवतार दशावतारों में पांचवां अवतार माना जाता है, जिसमें उन्होंने देवताओं के हित और धर्म की रक्षा के लिए मानव रूप धारण किया था।

अवधपुरी श्रीधाम का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर भगवान श्रीराम ने बाल्यकाल बिताया, उस पवित्र धाम के दर्शन मात्र से भी आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने विभिन्न कथाओं के माध्यम से मानव जीवन के महत्व और धार्मिक मूल्यों को समझाने का प्रयास किया।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। कथा के पांचवें दिन रविवार को श्रीकृष्ण बाललीला, गिरिराज पूजन, छप्पन भोग तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों की व्याख्या की जाएगी।

इस धार्मिक आयोजन का संचालन सामाजिक एवं धार्मिक संस्था सोनारी भजन संध्या की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।

शनिवार को यजमान के रूप में विभा-सुरेश दुदानी, मंजू-नरेश खंडेलवाल, आभा-राजू चूड़ीवाल, मीरा अग्रवाल, पुष्पा-गोविंद अग्रवाल, बैजनाथ अग्रवाल, सुशील अग्रवाल तथा कविता-मनीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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