रांची। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी सक्रियता से निर्वहन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देशन में आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा की टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद किया।
घटना उस समय की है जब आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा के अधिकारी एवं जवान रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर नियमित जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक बेंच पर संदिग्ध अवस्था में बैठे तीन बच्चों पर पड़ी। टीम को शक होने पर बच्चों से विनम्रता पूर्वक पूछताछ की गई। बातचीत में बच्चों ने अपना नाम अमीश मुंडा (11 वर्ष), संतोष बिलोर (10 वर्ष) और रमेश बिलोर (10 वर्ष) बताया। तीनों रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि तीनों बच्चे बिना अपने अभिभावकों को बताए घर से निकलकर लोहरदगा पहुंच गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ टीम ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन लोहरदगा के केस वर्कर मोहम्मद इस्तखार आलम और सुनीमा कुमारी मौके पर पहुंचे।
इसके बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बच्चों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सौंप दिया गया, ताकि उन्हें उनके परिवार से मिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। इस पूरे अभियान में उपनिरीक्षक एल.के. मिश्रा के नेतृत्व में आरपीएफ स्टाफ एस.आर. इंदवार, बिनोद गोपे और आजाद कुमार की अहम भूमिका रही।
आरपीएफ की इस तत्परता और संवेदनशीलता की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है, क्योंकि समय रहते हस्तक्षेप से बच्चों को किसी संभावित खतरे से बचाया जा सका।

