सेन्हा-लोहरदगा: पुआल के ढेर में आग लगने की घटनाएं किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक और व्यावहारिक समस्या बन जाती है। और जंगल में आग लगने से जीव जंतुओं के लिए संकट उतपन हो जाता है। ऐसा ही एक मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाका आरा ग्राम में किसान का पुआल तथा जंगल में आगजनी घटना देखने व सुनने को मिला। बताया जाता है कि आरा ग्राम में इस प्रकार की घटनाओं से महीनों की मेहनत तथा मवेशियों का चारा कुछ ही घंटों में जल कर राख हो गया। जिससे पशुओं के लिए भोजन का गंभीर संकट किसान वर्ग के बीच उत्पन्न हो गई। चारे जलने से नुकसान की बात किया जाए तो भारी नुकसान एक ही झटके में हजारों का चारा जलकर राख हो गया। और चारे की कमी के कारण किसानों को बाजार से महंगा चारा खरीदना पड़ता है। उसी प्रकार जंगल में आग लगने से जंगली जीव जंतुओं की मौत हो जाती है और जो जीव जंतु आग से बच जाते है उसका आशियाना राख हो जाता है। ऐसे प्रस्थिति में जीव जंतुओं के बीच रहने व भोजन को लेकर समस्या उतपन हो जाती है। जिससे जीव जंतु भी जंगल से पलायन करने लगते है और इसी बीच उन जीव जंतुओं के लिए विकट संकट का सामना करना पड़ता है। गौरतलब हो कि जीव जंतु के पलायन के दौरान शिकारी के भेंट चढ़ जाते है या सड़क पार करने के दौरान वाहन के चपेट में आने से मौत हो जाती है। इन सभी बिंदुओं को लेकर वन विभाग द्वारा जंगल प्रहरी को नियुक्त किया जाता है जो समय से निगरानी करने तथा जंगल को सुरक्षा प्रदान करने में सार्थक साबित हो सके। लेकिन अब उन बातों को अनदेखी कर चंद लाभ के पीछे भागते नजर आ रहें। फिलहाल आरा जंगल में आग लगने की सूचना वन विभाग के अधिकारी को दिया गया है जो आग बुझाने के दिशा में पहल करने का निर्देश सुरक्षा कर्मियों व वन समिति को दिया गया है।

