कोडरमा। हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम गुलाम हैदर की कोर्ट ने तीन आरोपियों मदन साव 50, पिता छतर साव), मुकेश साव (24, पिता मदन साव) और सरिता देवी (49, पति मदन साव) सभी ग्राम- बेकोवार, कोडरमा को 302 आईपीसी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20 -20 हजार रु जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि कोर्ट ने 148 आईपीसी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए दो साल कारावास और दो हजार रु जुर्माना लगाया। इसी प्रकार 341, 323, 324, 337 आईपीसी में अलग-अलग सजा सुनाई और जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। इसे लेकर कोडरमा थाना में थाना कांड संख्या 107/21 दर्ज कराया गया था। थाना को दिए आवेदन में मृतक के भाई ने कहा था कि महेंद्र साव घर से 10 जून 2021 को करीब 10 बजे दिन काम पर जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में मदन साव, मुकेश साव, सरिता देवी समेत अन्य सात- आठ लोग घेरकर जान मारने की नीयत से धारदार हथियार से मारपीट करने लगे। आवाज सुनकर जब मैं, मेरी पत्नी और मेरे बेटे बचाने गए, तो हम लोगों को भी मारपीट किया। मेरे भाई महेंद्र साव के सर और कान में धारदार हथियार से वार किया। इससे महेंद्र साव वहीं गिर गया और उसके सर और कान से काफी खून बहने लगा जिसे तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान डॉ ने मेरे भाई महेंद्र साव को मृत घोषित कर दिया। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया। बचाव पक्ष से अधिवक्ता जयप्रकाश नारायण ने दलीलें पेश की। कोर्ट ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के बाद तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

