चक्रधरपुर।साउथ ईस्टन रेलवे (South Eastern Railway) के पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित चक्रधरपुर रेल मंडल में हाल के दिनों में मवेशियों के रेलवे ट्रैक पर आने और बिना कारण चेन पुलिंग की घटनाओं से रेल परिचालन पर गंभीर असर पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा है।
मंगलवार को रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 के बीच मवेशियों के कारण कुल 11 घंटे 19 मिनट (679 मिनट) का डिटेंशन दर्ज किया गया, जिससे 24 ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस दौरान टाटा-झारसुगुड़ा और नुआगांव-राउरकेला सेक्शन सबसे अधिक प्रभावित रहे।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैध कारण के इमरजेंसी चेन पुलिंग करना दंडनीय अपराध है। जनवरी 2026 से 8 अप्रैल 2026 तक कुल 297 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 276 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जनवरी में 94 मामलों में 88 गिरफ्तारी, फरवरी में 74 मामलों में 68 गिरफ्तारी, मार्च में 141 मामलों में 99 गिरफ्तारी और अप्रैल (8 अप्रैल तक) में 30 मामलों में 26 गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा 29 ट्रेनों में चेन पुलिंग करने वाले आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि परिचालन को सुचारू बनाने के लिए कई ट्रेनों को रद्द, आंशिक रूप से रद्द, रीशेड्यूल और डायवर्ट किया गया है। 13 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच आद्रा-आसनसोल, आद्रा-मिदनापुर, बोकारो-चंद्रपुरा सहित कई MEMU ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कुछ ट्रेनों को आद्रा स्टेशन तक सीमित कर दिया गया है, जबकि कई ट्रेनों के समय में 1 से 2 घंटे तक बदलाव किया गया है। टाटा-हटिया एक्सप्रेस को निर्धारित मार्ग के बजाय सीनी-गुंडा बिहारी-मुरी मार्ग से चलाया जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 01441/01442 पुणे-सांतरागाछी-पुणे समर स्पेशल ट्रेन भी चलाने की घोषणा की है, जो अप्रैल माह में निर्धारित तिथियों पर विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को ट्रैक के पास न छोड़ें और बिना कारण चेन पुलिंग न करें, ताकि रेल सेवाएं सुरक्षित और समय पर संचालित हो सकें।

