जमशेदपुर। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने रविवार को परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगा।
विधायक ने बताया कि इस संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास से जुड़ा है और इससे शासन की प्राथमिकताएं भी बदलती हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, जन धन योजना, स्वयं सहायता समूहों और मातृ वंदना योजना जैसी पहल ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य के स्तर पर मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बावजूद संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी सीमित है, जिसे यह अधिनियम संतुलित करेगा।
पूर्णिमा साहू ने विश्वास जताया कि यह कानून भारत को अधिक समावेशी और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में आगे ले जाएगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रेस वार्ता में पोटका की पूर्व विधायक मेनका सरदार, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण, भाजपा महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष नीलु मछुआ तथा भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

