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Sat. Apr 11th, 2026

रविवार को आसा की वार की अमृतमयी बाणी से गूंजेगा साकची गुरुद्वारा, संगत में बढ़ेगी श्रद्धा और आत्मिक ऊर्जा

जमशेदपुर।सिख धर्म की अमूल्य परंपरा और गुरबाणी की मधुर वाणी से संगत को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर करने के उद्देश्य से गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी साकची द्वारा 12 अप्रैल (रविवार) को प्रातःकालीन “आसा की वार कीर्तन दरबार” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह पावन समागम गुरुद्वारा साहिब साकची में सुबह 4:30 बजे से 6:30 बजे तक आयोजित होगा।

इस आध्यात्मिक दरबार में सुप्रसिद्ध गुरसिख कीर्तनी जत्था अमृतवेला परिवार अपनी मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुति से संगत को निहाल करेगा। प्रभात बेला में होने वाला यह आयोजन सिख परंपरा के अनुरूप आत्मिक शांति, नाम सिमरन और गुरु भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए कहा, “आसा की वार केवल कीर्तन नहीं, बल्कि यह गुरबाणी के माध्यम से आत्मा को जागृत करने का एक दिव्य अवसर है। हम सभी को प्रभात बेला में गुरु घर पहुंचकर इस पावन रस का आनंद लेना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समागम समाज में आध्यात्मिक चेतना और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने संगत से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरबाणी से जुड़ने और अपने जीवन को गुरमत मार्ग पर चलाने का आह्वान किया। इस आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी गुरबाणी, कीर्तन और सिख संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। संगत में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल है।

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