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Wed. Apr 8th, 2026

निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण को लेकर बैठक, जिला व विद्यालय स्तर पर समिति गठन के निर्देश*

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले में संचालित सहायता प्राप्त, संबद्ध एवं निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण को लेकर समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के 140 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए।

बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत शुल्क निर्धारण एवं अभिभावकों की शिकायतों के निवारण के लिए विद्यालय स्तर और जिला स्तर पर समितियों के गठन का निर्देश दिया गया।

विद्यालय स्तर पर प्रबंधन प्रतिनिधि को अध्यक्ष, प्रधानाचार्य को सचिव, तीन शिक्षक और चार अभिभावकों को सदस्य बनाया जाएगा। वहीं जिला स्तर पर उपायुक्त अध्यक्ष होंगे, जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, चार्टर्ड एकाउंटेंट, दो प्राचार्य, दो अभिभावक, सांसद और विधायक सदस्य होंगे।

उपायुक्त ने विद्यालयों को पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों के शुल्क का पूरा विवरण जिला शिक्षा पदाधिकारी (कक्षा 9 से 12) और जिला शिक्षा अधीक्षक (कक्षा 1 से 8) को देने का निर्देश दिया। साथ ही कहा गया कि विद्यालय स्तर की समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और अभिभावक सदस्य दोबारा नामित नहीं होंगे।

निर्देश दिया गया कि यदि शुल्क वृद्धि 10 प्रतिशत से अधिक होगी तो उसे जिला समिति की मंजूरी के लिए भेजना होगा। तय शुल्क दो वर्षों तक प्रभावी रहेगा। सभी विद्यालयों को जल्द समिति बनाकर उसका प्रतिवेदन जिला स्तर पर जमा करना होगा।

विद्यालयों को शुल्क से संबंधित सभी जानकारी सूचना पट्ट और वेबसाइट पर प्रकाशित करने, परिवहन शुल्क निर्धारित मानकों के अनुसार तय करने तथा परिसर का उपयोग केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए करने का निर्देश दिया गया। साथ ही छात्रों को यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करने को कहा गया।

नियमों के उल्लंघन पर पहली बार 50 हजार से ढाई लाख रुपये तक जुर्माना या अधिक शुल्क की दोगुनी राशि वसूली जाएगी। दोबारा उल्लंघन पर एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर स्थिति में विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

विद्यालयों को निर्देश दिया गया कि यूनिफॉर्म में बदलाव पांच वर्ष के अंतराल पर ही किया जाएगा और इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। किसी भी छात्र से हर वर्ष पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जाएगा और बकाया फीस के कारण किसी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।

अभिभावकों की शिकायतों के निवारण के लिए कक्षा 1 से 8 तक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय तथा कक्षा 9 से 12 तक जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में अलग कोषांग बनाया जाएगा।

बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, गोपनीय प्रभारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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