जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न आवास योजनाओं समेत मनरेगा, जॉब कार्ड नवीकरण, मजदूरी भुगतान और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना, अंबेडकर आवास योजना और अन्य योजनाओं के तहत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण कार्य अप्रैल माह के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाए। जिन लाभुकों को पहली किस्त मिल चुकी है, उनसे तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने और दूसरी किस्त जारी करने से पहले निर्माणाधीन भवनों का जियोटैग कराने को कहा गया। साथ ही अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा कर अंतिम किस्त का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करना सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की निगरानी करने और लाभुकों को जागरूक कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। करीब तीन हजार आदिम जनजाति परिवारों को आवास योजना से जोड़ने के लिए सभी टोलों का सर्वे कर कोई भी पात्र लाभुक वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया और फर्जी मस्टर रोल, जॉब कार्ड या भुगतान की शिकायत नहीं आने की सख्त हिदायत दी। रोजगार दिवस पर शिविर लगाकर जॉब कार्ड नवीकरण और अन्य त्रुटियों का निराकरण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रत्येक गांव में कम से कम पांच योजनाओं के संचालन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और पलायन रोकने पर बल दिया गया। जो योजनाएं अब तक शुरू नहीं हुई हैं या जिन पर खर्च नहीं हुआ है, उन्हें कारण सहित बंद करने की अनुशंसा करने को कहा गया।
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में इस योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने पर जोर दिया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा आधारित योजनाओं जैसे सोलर स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट और छोटे उद्यमों के लिए सोलर संयंत्र को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
सम्पूर्णता अभियान 2.0 के तहत मुसाबनी और डुमरिया प्रखंडों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि सहित छह प्रमुख संकेतकों पर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने की दिशा में कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पशुपालन विभाग को शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और स्वास्थ्य विभाग को टीबी मरीजों की पहचान व उपचार में तेजी लाने को कहा। साथ ही सभी विभागों को डेटा आधारित कार्ययोजना बनाकर कमजोर क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत अंतिम पंक्ति के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, जिसमें सामुदायिक भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, एनईपी निदेशक संतोष कुमार गर्ग, समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी सहित सभी प्रखंडों के बीडीओ और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

