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Wed. Mar 18th, 2026

मानगो गुरुद्वारा की आम सभा में हंगामा, अवतार सिंह ने कहा संगत ने सरदार बलजीत सिंह को चुना प्रधान

जमशेदपुर: मानगो गुरुद्वारा की आम सभा के दौरान रविवार को जमकर हंगामा हुआ. अवतार सिंह भाटिया ने कहा कि कार्यकाल समाप्त हो चुकी सरदार भगवान सिंह की पुरानी कमेटी को भंग किए जाने के बाद संगत ने सरदार बलजीत सिंह को नया प्रधान चुना. अवतार सिंह ने बताया की चुनाव प्रक्रिया के दौरान माइक छीनने और जबरन माला पहनाने जैसी घटनाओं से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया था।

जानकारी के अनुसार नियमों के तहत कार्यकाल पूरा होने के बाद पुरानी कमेटी को भंग कर नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई. सभा के दौरान सचिव अमृतपाल सिंह ने उपस्थित संगत को अपने विचार खुलकर रखने का अवसर दिया. प्रधान पद के लिए संगत की ओर से दो नाम सामने आए. इनमें से एक नाम बाद में वापस ले लिया गया, जबकि दूसरा नाम पूर्व महासचिव रह चुके सरदार बलजीत सिंह का था. संगत के अधिकांश लोगों ने उन्हें ईमानदार और योग्य बताते हुए समर्थन दिया।

सरदार अवतार सिंह ने कहा कि सभा के दौरान सरदार भगवान सिंह ने मेरी तरफ इशारा करते हुए उन पर और उनके साथियों पर मुकदमा कराने का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि सभा में मौजूद कुछ लोगों के नाम लेकर माहौल को भड़काने की कोशिश भी की, लेकिन संगत शांत रही।

इसी दौरान सरदार बलजीत सिंह ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान सभी खातों का पूरा हिसाब दिया गया था. इस पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि भगवान सिंह ने माइक जबरन छीन लिया तथा पहले से तैयार माला अपने समर्थकों से पहन ली. हालांकि सभा में मौजूद संगत ने इस घटनाक्रम को स्वीकार नहीं किया. बाद में बलजीत सिंह के समर्थन में आई संगत ने माला पहनाकर उन्हें प्रधान घोषित कर दिया।

रात में धमकी देने का आरोप

सिख समाज आंदोलन कमेटी के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह भाटिया ने बताया कि शनिवार रात करीब 10:30 बजे जब वे सड़क पर अकेले थे, तभी दो संदिग्ध व्यक्ति उनके पास आए. उनमें से एक ने मुंह पर रुमाल बांध रखा था, जबकि दूसरे के कान में सोने की मूंदड़ी थी. दोनों ने उन्हें गुरुद्वारा चुनाव में शामिल न होने की धमकी दी और बाद में मोटरसाइकिल से डिमना रोड की ओर चले गए. भाटिया ने इस घटना का जिक्र सोशल मीडिया पर भी किया और कहा कि उन्हें कोई चुनाव प्रक्रिया से नहीं रोक सकता।

संगत ने रखा संयम

भाटिया के अनुसार वे करीब 50 से 70 लोगों की टीम के साथ सभा में पहुंचे थे. गुरचरण सिंह बिल्ला, जसवंत सिंह जस्सू, सुखवंत सिंह सुक्खू सहित कई लोग वहां मौजूद थे. आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद संगत ने संयम बनाए रखा. आम सभा के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही।

कानूनी लड़ाई की चेतावनी

भाटिया ने कहा कि गुरुद्वारा के लगभग 50 वर्षों के इतिहास में इस तरह की घटना पहली बार देखने को मिली है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम सभा के दौरान नियमों और परंपराओं की अनदेखी की गई. उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

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