सरायकेला।जिले के खापरसाई प्राथमिक विद्यालय में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्कूल भवन का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय सभी बच्चे मिड डे मील के लिए कक्षा से बाहर थे, जिससे किसी तरह की गंभीर जनहानि नहीं हुई। हालांकि इस दौरान मुस्कान बारला (11), रेशमी बारला (9) और सोनाली जामुदा (7) को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
बताया जाता है कि उस दिन स्कूल में 27 बच्चे उपस्थित थे। मध्यान्ह भोजन की घंटी बजते ही बच्चे वाशरूम और रसोईघर की ओर चले गए थे। इसी दौरान स्कूल भवन के बाहरी हिस्से का छज्जा अचानक गिर पड़ा। दो कमरों वाले इस विद्यालय में अक्सर बच्चे बरामदे में भी बैठते हैं, ऐसे में समय रहते बच्चों के बाहर निकल जाने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
हादसे के बाद बच्चों में डर का माहौल है और वे स्कूल भवन के अंदर जाने से हिचक रहे हैं। मिड डे मील के बाद बच्चों को स्कूल परिसर के बाहर पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाई कराई गई। शिक्षिका ने दरी बिछाकर खुले में ही कक्षाएं संचालित कीं।
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय का भवन करीब 38 से 40 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी। लंबे समय से भवन जर्जर स्थिति में है, जो बारिश के दिनों में और अधिक खतरनाक हो जाता है। हाल के दिनों में हुई हल्की बारिश के कारण छज्जे में नमी आ गई थी, जिससे वह कमजोर होकर गिर गया।
विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक पढ़ाई होती है और कुल 28 बच्चे नामांकित हैं। यहां प्रधानाध्यापिका रेणु कुमारी पंडा और शिक्षिका काजल टुडू कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापिका ने करीब सात महीने पहले ही विभाग को पत्र लिखकर भवन की खराब स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने बताया था कि बरसात के दौरान छत से पानी टपकता है और प्लास्टर गिरता रहता है। साथ ही, उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गोविंदपुर पंचायत भवन में स्कूल संचालन का सुझाव भी दिया था, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

