सरायकेला। जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संभावित आपराधिक घटना को अंजाम देने से पहले ही चार आरोपियों को हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की सतर्कता के कारण एक बड़ी वारदात होने से पहले ही टल गई। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार 15 मार्च 2026 को सरायकेला पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ संदिग्ध लोग हथियार से लैस होकर किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद मामले की पुष्टि और त्वरित कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
गठित पुलिस टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को एक ब्लू रंग की ऑटो में चार संदिग्ध व्यक्ति बैठे दिखाई दिए। पुलिस जब उनके करीब पहुंची तो चारों ने पुलिस को देखकर मौके से भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सशस्त्र बल की मदद से इलाके की घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपनी पहचान धीरज कुमार उर्फ छोटू साव (35 वर्ष), शेखर कुमार उर्फ पप्पू यादव (32 वर्ष), शिवा कुमार (32 वर्ष) और रमेश आनंद (47 वर्ष) के रूप में बताई। जब पुलिस ने उनसे भागने का कारण पूछा तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने चारों की विधिवत तलाशी ली।
तलाशी के दौरान धीरज कुमार उर्फ छोटू साव के पास से लोहे से बना एक देसी कट्टा बरामद किया गया, जबकि शेखर कुमार उर्फ पप्पू यादव की जेब से 8 एमएम के तीन जिंदा कारतूस और .315 एमएम का एक कारतूस बरामद हुआ। इसके अलावा रमेश आनंद के पास मौजूद ब्लू रंग की ऑटो (रजिस्ट्रेशन नंबर JH05EF-5369) को भी पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने सभी बरामद सामानों की विधिवत जप्त सूची तैयार की।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि सभी आरोपी किसी आपराधिक वारदात की योजना बना रहे थे। हालांकि पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस घटना को अंजाम देने की फिराक में थे तथा इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
इस संबंध में सरायकेला थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारी की जा सकती है।
इस छापेमारी अभियान में आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की, पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, महेश उरांव, धर्मराज कुमार, आरक्षी दीपक कुमार, अगद कुमार पांडे, नीतीश कुमार पांडे सहित सशस्त्र बल के अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।

