बंगाल क्लब में काव्यिक’ की तृतीय वार्षिकोत्सव, साहित्य, संगीत की अनोखा मेलबंधन
जमशेदपुर: साकची बंगाल क्लब प्रेक्षागृह में साहित्यिक संस्था ‘काव्यिक’ का तृतीय वार्षिकोत्सव भव्य रूप से आयोजित हुआ। “काव्यिक” प्रमुख चन्दन चंदो के निर्देशना में कविता, गीत और श्रुति-नाटक के समन्वय से सजी इस सांस्कृतिक संध्या ने उपस्थित दर्शकों को भावनाओं की अनूठी दुनिया में पहुँचा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक उद्घाटन गीत ‘लहो लहो तुले लहो’ से हुई। स्वागत भाषण में असीम भट्टाचार्य ने मंच की साहित्यिक यात्रा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संचालन का दायित्व संसथान के प्रमुख चन्दन चंदो ने कुशलता से निभाया। अतिथियों में झारखंड वंग भाषी समन्वय समिति के अध्यक्छ बिकास मुखर्जी, बंगाल क्लब के उपाध्यक्छ देवाशीष नाहा, बाचिक मंजरी संस्था के अध्यक्ष अरविंद मित्रा और बंगाल क्लब के महासचिव सौम्य सेन उपस्थित रहे। अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। विशेष सहयोग हेतु अनन्य भट्टाचार्य, डॉ पृथा चतुर्वेदी और जिगीशा चंदो को भी सम्मानित किया गया। कविता पाठ के दौरान सुतापा मुखर्जी, नमिता भट्टाचार्य, प्रणति गोस्वामी, सोमनाथ गांगुली, अंजलि घोष और सुमिता चक्रबोर्ती, असीम भट्टाचार्य ने अपनी रचनाओं से समां बाँध दिया। कविता की ऑडियो प्रस्तुति अरिंदम बासु ने दी। कार्यक्रम का आकर्षण प्रख्यात साहित्यकार संजीब चट्टोपाधय की रचना ‘यमराज ओ बांगाली’ का श्रुति-नाटक रहा, जिसमें किरदार सोमनाथ गांगुली, असीम भट्टाचार्य व चन्दन चंदो ने भूमिका निभाई। अमरनाथ बोस ने प्रभावशाली ध्वनि संयोजन किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रणति गोवामी ने दिया। यह आयोजन सिद्ध करता है कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाला आत्मिक सेतु है।

