चाईबासा। सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा आईईडी विस्फोट में मारे गए और घायल हुए ग्रामीणों के परिवारों को सहारा देने के लिए 28 फरवरी 2026 को मनोहरपुर थाना परिसर में चाईबासा पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के माध्यम से पुलिस ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम भी उठाए।
प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन द्वारा लगाए गए विस्फोटकों की चपेट में आकर जान गंवाने वाले ग्रामीणों के आश्रितों को पुलिस ने आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान मृतकों एवं घायलों के परिजनों को सिलाई मशीन, टुल्लू पंप, कृषि उपकरण और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को आईईडी (बम) की पहचान और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। संदिग्ध वस्तुओं जैसे दबे तार, कार्बन लिपटी सामग्री, बैटरी या लोहे के पाइप आदि को देखकर सतर्क रहने और तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। “Know Your Enemy एवं Know Your Friends” के संदेश के साथ ग्रामीणों को जागरूक किया गया कि वे नक्सलियों के बहकावे में न आएं और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग बनाए रखें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा सहित सहायक पुलिस अधीक्षक (परीक्ष्यमान), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोहरपुर व किरीबुरू, पुलिस उपाधीक्षक (परीक्ष्यमान) चाईबासा तथा मनोहरपुर, जराईकेला और छोटानागरा थाना प्रभारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहयोग देना पुलिस की प्राथमिकता है।
चाईबासा पुलिस ने स्पष्ट किया कि सारंडा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है, और इसी दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।

