Breaking
Sat. Feb 7th, 2026

जमशेदपुर के नागरिकों ने टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में जन्मी दो बाघिन शावकों का नाम रखा

जमशेदपुर।शहर में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और नागरिकों व वन्यजीवों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने की एक अनूठी पहल के तहत टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टीएसजेडपी) ने 27 नवंबर 2025 को चिड़ियाघर में जन्मी दो बाघिन शावकों के नामकरण के लिए शहरवासियों को आमंत्रित किया।

ये दोनों शावक पार्क के निवासी बाघ रुद्र और बाघिन मेघना के घर जन्मे हैं। जन्म के बाद से ही दोनों शावक लगातार पशु चिकित्सकीय देखरेख और निगरानी में हैं। नागरिक सहभागिता की इस पहल के तहत 10 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक सार्वजनिक नामकरण प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें जमशेदपुर के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चार दिनों की इस अवधि में 550 से अधिक नाम सुझाव प्राप्त हुए।

प्राप्त नामों में रचनात्मकता, सांस्कृतिक भाव और सकारात्मक अर्थ स्पष्ट रूप से झलक रहे थे, जो यह दर्शाता है कि शहरवासियों में चिड़ियाघर और उसके वन्यजीवों के प्रति गहरी रुचि और अपनापन है। अंतिम नामों के चयन के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि नाम सरल हों, सकारात्मक अर्थ रखते हों और दोनों शावकों के भाई-बहन होने की पहचान को भी दर्शाते हों।

चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद दोनों बाघिन शावकों के लिए “तारा” और “सारा” नाम को अंतिम रूप दिया गया। यह विजेता नाम सुझाव सुश्री एंजेल वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

गौरतलब है कि “तारा” नाम का सुझाव कई अन्य नागरिकों द्वारा भी दिया गया था, जिनमें श्री एमडी अरमान, मेघा महतो, रिशिता शर्मा, प्रथम अग्रवाल, रवि कश्यप, मोनालिसा बर्मन, अदनान अख्तर, आदित्य कुमार, सुजीत हलदार, दीपांशु सिंह और सैयद एजाज हसन शामिल हैं। इन सभी प्रतिभागियों को सम्मान स्वरूप उनके परिवार सहित चिड़ियाघर में निःशुल्क प्रवेश पास प्रदान किए जाएंगे।

इस बीच दोनों बाघिन शावकों का स्वास्थ्य संतोषजनक बताया गया है। हाल ही में उन्हें कैनाइन डिस्टेंपर के खिलाफ टीकाकरण दिया गया है और उनका वजन क्रमशः 7.34 किलोग्राम और 7.20 किलोग्राम दर्ज किया गया है, जो उनके स्वस्थ विकास को दर्शाता है।

इस तरह की सहभागितापूर्ण पहल न केवल लोगों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाती है, बल्कि प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क वन्यजीवों की उत्कृष्ट देखभाल के प्रति प्रतिबद्ध है और पर्यावरण संरक्षण व शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

Related Post