जमशेदपुर। कक्षाओं को समुदायों के करीब लाने के उद्देश्य से भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर और टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) ने सामाजिक प्रभाव, सार्वजनिक नीति, स्थिरता और समावेशी विकास के क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।यह साझेदारी शिक्षा, अनुसंधान और अभ्यास को मजबूत करने का लक्ष्य रखती है, जिसमें अनुभवजन्य शिक्षा, ज्ञान सृजन और छात्रों, पेशेवरों तथा विकास अभ्यासकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण शामिल है। आईआईएम रायपुर एक प्रमुख सार्वजनिक प्रबंधन संस्थान है, जबकि टाटा स्टील फाउंडेशन टाटा स्टील का सामाजिक विकास अंग है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरण, सामाजिक न्याय और समुदाय विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य करता है।समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान के अवसर पर डॉ. संजीव प्राशर, प्रभारी निदेशक; डॉ. सरोज पाणि, डीन-शिक्षा; डॉ. नवनीत भटनागर, क्षेत्रीय अध्यक्ष-रणनीति; डॉ. राहुल हीरमठ, डॉ. सुनीता एस तथा डॉ. संदीप एस (एमएसआई टीम से); सौरव रॉय, सीईओ, टाटा स्टील फाउंडेशन और डॉ. विनायक किशोर, परामर्शदाता-सार्वजनिक नीति एवं अनुसंधान उपस्थित थे।इस सहयोग के तहत दोनों संस्थान पाठ्यक्रमों का सह-डिजाइन करेंगे, immersive लर्निंग कार्यक्रम चलाएंगे और समुदाय संलग्नता पहल शुरू करेंगे। साझेदारी संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान उत्पादों और स्वदेशी समुदाय प्रतिनिधित्व को समर्थन देने वाले मंचों पर केंद्रित होगी। एमओयू का प्रमुख हिस्सा उनुरुम-सामाजिक immersion कार्यक्रम है, जो आईआईएम रायपुर के छात्रों को जमीनी विकास कार्य का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करेगा। यह सहयोग निरंतर ज्ञान विनिमय को भी प्रोत्साहित करता है, जिसमें दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता साझा कर एक-दूसरे की क्षमताओं को मजबूत करेंगे।टाटा स्टील फाउंडेशन ने वर्षों से एक्सएलआरआई जमशेदपुर, आईआईएम रांची, आईआईएम रायपुर और हैदराबाद के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस जैसी शैक्षणिक संस्थानों के साथ कई बौद्धिक सहयोग किए हैं। इन साझेदारियों के तहत टीएसएफ पेशेवर सामाजिक प्रभाव, सार्वजनिक नीति, प्रबंधन, रणनीति आदि विषयों पर केंद्रित शैक्षणिक और ज्ञान-आधारित कार्यक्रमों एवं सामग्री के सह-निर्माण और सह-डिलीवरी में भाग लेते हैं।अवसर पर बोलते हुए आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. संजीव प्राशर ने कहा, “इस सहयोग के माध्यम से हम भविष्य के नेताओं को सामाजिक वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशील बनाना चाहते हैं, समुदायों के साथ सार्थक संलग्नता को प्रोत्साहित करना चाहते हैं तथा आर्थिक उद्देश्यों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को संतुलित करने वाले निर्णय लेने को बढ़ावा देना चाहते हैं। ऐसी पहल नैतिक रूप से मजबूत और विकास-उन्मुखी नेतृत्व निर्माण में महत्वपूर्ण हैं।”अपने विचार रखते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरव रॉय ने कहा, “आईआईएम रायपुर के साथ यह सहयोग नेतृत्व और प्रबंधन शिक्षा में सामाजिक दृष्टिकोण को स्थापित करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। शैक्षणिक गहराई और जमीनी अनुभव को जोड़कर हम सार्थक सीखने की यात्राएं बनाएंगे, प्रासंगिक ज्ञान उत्पन्न करेंगे तथा जमीनी वास्तविकताओं से जुड़े भविष्य के नेताओं को तैयार करेंगे। आगे चलकर यह साझेदारी मजबूत प्रभाव पारिस्थितिक तंत्र बनाएगी, सहयोगी अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी तथा समावेशी विकास में योगदान देने वाले सीखने के मॉडलों को विस्तार देगी।”इस साझेदारी के माध्यम से आईआईएम रायपुर और टाटा स्टील फाउंडेशन शैक्षणिक शिक्षा को जमीनी अभ्यास से जोड़कर सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने तथा समावेशी विकास को समर्थन देने का प्रयास करेंगे।

