जमशेदपुर। परसुडीह थाना क्षेत्र के किताडीह इलाके में बंद घर से हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है। पुलिस की यह कार्रवाई गुप्त सूचना और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर की गई।
गुरुवार को सीटी एसपी कुमार शिवा आशीष ने बताया कि अनुसार 8 और 9 जनवरी की रात किताडीह मंशा मंदिर पश्चिम, राजू बगान के पास स्थित एक बंद घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर घर से लैपटॉप, मोबाइल फोन, जेवरात, नकद रुपये और अन्य घरेलू सामान लेकर फरार हो गए थे। घटना की शिकायत मिलने के बाद परसुडीह थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
जांच के दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, साथ ही गुप्त सूचना भी पुलिस को मिली। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने राजेश शर्मा उर्फ पाण्डेय, संजय कुमार उर्फ गबरु और विकास महतो उर्फ बुलेट को चिन्हित कर विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के क्रम में आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक एचपी कंपनी का सिल्वर रंग का लैपटॉप, एक सैमसंग गैलेक्सी एम-11 मोबाइल फोन, पांच हजार रुपये नकद, लैपटॉप चार्जर, चोरी में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार जब्त किए हैं। इसके अलावा तीन अन्य कंपनियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। इनके खिलाफ मारपीट, चोरी और छिनतई से जुड़े कई मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
इस पूरे मामले के खुलासे में परसुडीह थाना की पुलिस टीम की सक्रियता अहम रही। पुलिस अधिकारियों और जवानों की संयुक्त कार्रवाई से चोरी की इस घटना का सफल उद्भेदन हो सका। हालांकि पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
परसुडीह थाना क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना का खुलासा पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का उदाहरण माना जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के प्रभावी इस्तेमाल से अपराधियों तक पहुंच बनाई गई है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ता है और अपराधियों के मनोबल पर भी असर पड़ता है।

