जमशेदपुर।एक्सएलआरआई–जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में तीसरे अंतरराष्ट्रीय एथिक्स कॉन्फ्रेंस 2026 का सफल आयोजन किया गया। जे.आर.डी. टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय “रीइमैजिनिंग बिज़नेस एंड लीडरशिप: एथिक्स, सस्टेनेबिलिटी एंड द फ्यूचर ऑफ रिस्पॉन्सिबल ग्रोथ” रहा। सम्मेलन का उद्देश्य भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संदर्भ में नैतिक नेतृत्व, सतत विकास और जिम्मेदार व्यापार मॉडल पर गहन विमर्श को बढ़ावा देना था।
सम्मेलन का शुभारंभ डीन (एडमिन) डॉ. फादर डोनाल्ड डीसिल्वा, एस.जे. के स्वागत उद्बोधन से हुआ। औपचारिक उद्घाटन करते हुए एक्सएलआरआई के निदेशक डॉ. फादर जॉर्ज सेबास्टियन, एस.जे. ने कहा कि वास्तविक नेतृत्व आक्रामक प्रतिस्पर्धा से नहीं, बल्कि करुणा, नैतिक विवेक और ईमानदारी से जन्म लेता है। डीन (एकेडमिक्स) डॉ. संजय पात्रो और जे.आर.डी. टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स के चेयरमैन डॉ. फादर जोसेफ मैथ्यू, एस.जे. ने मुख्य वक्ताओं का स्वागत किया।
कॉन्फ्रेंस में कीनोट भाषण, पैनल चर्चाएं, लीडरशिप वर्कशॉप, शोध पत्र प्रस्तुतियां और फायरसाइड स्टोरीटेलिंग सत्र आयोजित किए गए। प्रसिद्ध विचारक नवी राजू ने ‘जुगाड़’ और फ्रूगल इनोवेशन को सामाजिक भलाई से जोड़ने पर बल दिया। वहीं डॉ. प्रसाद काईपा ने नेतृत्व को “स्मार्ट से वाइज” बनने की यात्रा बताते हुए आत्मचिंतन और नैतिक चेतना को अनिवार्य करार दिया। समापन सत्र में डॉ. फादर जोसेफ मैथ्यू, एस.जे. ने कहा कि एक्सएलआरआई नैतिक, सामाजिक रूप से जागरूक और मानवीय मूल्यों से युक्त नेतृत्व विकसित करने के अपने मिशन पर निरंतर अग्रसर है।
सम्मेलन की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि यह भारतीय यथार्थ से गहराई से जुड़ा रहा। आदिवासी अर्थव्यवस्था, सामुदायिक नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण, कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य और समावेशी विकास जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान 100 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 22 प्रस्तुत किए गए। श्रेष्ठ एब्सट्रैक्ट पुरस्कार अर्पिता साहू, पंकज कुमार, डॉ. अभिजीत रॉय, अनुष्का अग्निहोत्री और अमित कुमार मोडक को प्रदान किए गए। कुल 8 आमंत्रित वक्ताओं और 80 से अधिक प्रतिभागियों ने हाइब्रिड मोड में सहभागिता की। आदिवासी महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी ने नैतिक उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका का प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किया।

