गुवा। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित गुवा थाना क्षेत्र में हुए गंगाधर सोंसिया हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य वारदात के मुख्य नामजद अभियुक्त तीलू पुरती को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।
यह मामला तब सामने आया जब ग्राम गंगदा टोला जोजोगुटू, थाना गुवा निवासी सपनी सोंसिया ने अपने पति गंगाधर सोंसिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए गुवा थाना में लिखित आवेदन दिया। आवेदन के आधार पर गुवा थाना में कांड संख्या 02/2026, दिनांक 12 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103 (1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में ग्राम बेतरकिया, थाना गुवा निवासी तीलू पुरती (उम्र लगभग 40 वर्ष) को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किरीबुरु अजय केरकेट्टा को सौंपा गया। जांच टीम में गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार, अनुसंधानकर्ता ललन कुमार मंडल सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल किए गए।
विशेष जांच टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण करने के साथ-साथ संदिग्धों की गतिविधियों, आपसी रंजिश और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान मिले ठोस सुरागों के आधार पर पुलिस ने मुख्य अभियुक्त तीलू पुरती को उसके घर ग्राम बेतरकिया से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई विधि सम्मत रूप से दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में की गई।
गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में अभियुक्त ने गंगाधर सोंसिया की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए स्वीकारोक्ति बयान दिया है। पुलिस इस बयान के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पुष्टि कर रही है, ताकि घटना के पीछे किसी संभावित साजिश या अन्य सहयोगियों की भूमिका का भी खुलासा किया जा सके।
इस पूरी कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय केरकेट्टा, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार, अनुसंधानकर्ता ललन कुमार मंडल के अलावा पुलिस पदाधिकारी गणेश शंकर गौड़, नेमलाल महतो, सतीश कुमार सिंह तथा चाईबासा और गुवा थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

