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मनरेगा खत्म करने के खिलाफ झामुमो का जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

चाईबासा: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शनिवार को चाईबासा में कड़ा विरोध दर्ज कराया। भाजपा नीत केंद्र सरकार के इस निर्णय को गरीब, मजदूर, आदिवासी और अल्पसंख्यक विरोधी बताते हुए झामुमो ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

झामुमो के पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि मनरेगा वर्ष 2005 से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा की रीढ़ रहा है। यह कानून ग्रामीण मजदूरों को मांग के आधार पर काम का कानूनी अधिकार देता है और ग्राम सभा व पंचायतों के जरिए विकेंद्रीकृत शासन को मजबूत करता है। ऐसे में इस योजना को समाप्त करना केंद्र सरकार की गरीब और श्रमिक विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार की योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के सम्मान और जीविका का आधार है।

केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ 27 दिसंबर 2025 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में झामुमो द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में चाईबासा जिला मुख्यालय में जिला समिति ने सोनाराम देवगम के नेतृत्व में धरना आयोजित किया। धरना के बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि श्रम विरोधी, गरीब एवं अकुशल ग्रामीण मजदूर विरोधी वीबी-जी रैम (VB-G RAM G) कानून 2025 को तत्काल वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए।

धरना प्रदर्शन में झामुमो के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में भुवनेश्वर महतो, राहुल आदित्य, इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, विकास गुप्ता, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, रामलाल मुंडा, मिथुन गागराई, निसार हुसैन, विनय प्रधान, मन्नाराम कुदादा, विश्वनाथ बाड़ा, बंधना उरांव, कांडे तियु, मो. मोजाहिद, प्रेम गुप्ता, सनातन पिंगुवा, मंजीत हांसदा, सोमवारी बहान्दा, राहुल तिवारी, सतीश सुंडी, चिरिया बुड़ीउली, राजेश पिंगुवा, दुर्गा चरण देवगम, महेंद्र तिरिया, गणेश बोदरा, ताराकांत सिजुई, रिमु बहादुर, गोवर्धन चौरसिया, प्रदीप महतो, गोकुल पोलाई, नितेश माधव करवा, मो. तैहसीन, रौशन कुमार, मनोज लागुरी, देवेंद्र बारी, मंगल सिंह तियु, सुभाष भंज, अभिषेक मिश्रा, पवित्र कुमार भट्टाचार्य, इम्तियाज अहमद, राजू सुंडी, बसंती सुंडी, तुराम बिरुली, शंकर नायक, सुनील लागुरी सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

झामुमो ने दो टूक शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार के ऐसे जनविरोधी और श्रम विरोधी फैसलों के खिलाफ पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक आवाज उठाई जाएगी।

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