जमशेदपुर पश्चिमी विधायक सरयू राय को बोकारो स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को साक्ष्य सहित सभी तथ्यों से अवगत कराते हुए बोकारो जिला स्वास्थ्य विभाग के सभी दोषियों पर जांचोंपरांत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की गई है.
.मांग पत्र को गंभीरता से लेते हुए श्री सरयू राय ने प्रतिनिधिमंडल को कहा कि स्वास्थ्य विभाग बोकारो जिला ही नही सम्पूर्ण झारखंड में भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है. इस मुद्दे पर श्री राय ने आश्वस्त किया कि मैं सभी तथ्यों से स्वयं मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराते हुए दोषियों पर क़ानूनसंगत कार्रवाई के लिए पहल करुगा.
श्री राय ने कहा कि झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पार कर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार 6 वर्षों से कार्य कर रहे हैं. किंतु झारखंड सरकार के कुछ प्रशासनिक पदाधिकारी की भ्रष्ट नियत के कारण झारखंड सरकार के सभी विभाग में अनेक तरह की भ्रष्टाचार उजागर हो रही हैं.
दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि बोकारो जिला के स्वास्थ्य विभाग में अनेक तरह की अनियमित कुछ अधिकारियों के मिलीभगत से सिविल सर्जन के संरक्षण में किया जा रहा है. इस विषय को अनेक समाचार पत्र एवं सोशल मीडिया ने प्रकासित किया है. इससे सरकार विशेषकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की छवि धूमिल हुई है.
नगर विकास समिति के संरक्षक सदस्य सह दामोदर बचाओ आदोंलन चास अनुमंडल संयोजक अशोक जगनानी ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति, स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के पत्रांक 09/RCH- 445/2015– 501 एवं 502(MD) रांची, दिनांक 31.07.2024 एवं पत्रांक 09/नईRCH-445/2015-801 एवं 810(MD)रांची दिनांक 31.07.25 के तहत निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं,झारखंड के द्वारा गठित जांच कमेटी के द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के पत्रांक 197 (D) रांची,दिनांक 17.06.25 के आलोक में बोकारो जिला स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आरोपित कर्मियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इतना ही नही क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं,उतरी छोटानागपुर प्रमंडल,हजारीबाग के द्वारा सिविल सर्जन, बोकारो को पत्रांक 112 दिनांक 10.03.25 के आलोक में भी अनुपालन नही किया गया है.
नगर विकास समिति के अध्यक्ष अभय कुमार मुन्ना ने कहा कि अभियान निदेशक, झारखंड ने कहा कि बोकारो जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से परिवारवाद का शिकार हो गया है. स्वास्थ्य विभाग में वर्षो से कार्यरत कर्मी अपने सगा संबंधियों को ही अनेक स्थान पर संविदा में नियोजन कराकर सरकार के छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं. वरीय अधिकारियों ने निर्देश के बावजूद उनका स्थानान्तरण नही होना बहुत ही गंभीर विषय है.
श्री मुन्ना ने कहा कि एनेस्थीसिया मशीन का कोटेशन 8 लाख 30 हजार के एवज में 17 लाख 95 हजार में खरीददारी करने का प्रमाण भ्रष्टाचार को उजागर करता है. स्वास्थ्य विभाग से विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र में बिना रिसीविंग की दवा भेजी जाती है और उन दवाओ का कालाबाजारी किया जा रहा है.
श्री मुन्ना ने कहा कि बोकारो जिला स्वास्थ्य विभाग में 328 लाइसेंस जारी कर विभिन्न निजी स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है. किंतु नियमानुसार लाइसेंसधारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पताल का निरीक्षण सिविल सर्जन कार्यालय से नियमित नहीं किया जाता है. कई महीनो से स्वास्थ्य विभाग के संविदा एवं सफाई कर्मियों का वेतन नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण लगातार हड़ताल एवं आंदोलन स्वास्थ्य विभाग के विरोध किया जा रहा है.
श्री मुन्ना ने कहा कि बोकारो जिला सिविल सर्जन एक दबंग एवं प्रभावशाली अधिकारी की तरह कार्य कर रहे हैं. इसके कारण उनके अधीनस्थ कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में हो रहे गलत कार्यों में उनका प्रतिकार नहीं कर पा रहे हैं.
श्री मुन्ना ने कहा कि अगर झारखंड सरकार दोषियों पर आरोपों की जांचोपरांत कार्रवाई नही करती है तो इस मामले को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय बोकारो के समक्ष एक दिवसीय धरना का आयोजन किया जाएगा.
प्रतिनिधिमंडल में प्रवीण कुमार सिंह, अशोक जगनानी, डॉ अशोक, संजय सिंह,भाई प्रमोद,उमेश कुमार,अजय कुमार,अवधेश सिंह आदि शामिल हुए.

