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सूचना आयुक्त पद के लिए लोकपाल अरुणाभा कर का मजबूत दावा, उपलब्धियों के साथ पारदर्शी शासन का संकल्प

जमशेदपुर। झारखंड सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा विज्ञापित सूचना आयुक्त पद के लिए जमशेदपुर निवासी मनरेगा लोकपाल अरुणाभा कर ने अपनी दावेदारी पेश की है। शासन, न्याय, पत्रकारिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले अरुणाभा कर को इस पद के लिए एक सशक्त दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकपाल के रूप में अर्जित अनुभव सूचना झारखंड सुचना आयुक्त की जिम्मेदारी निभाने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।

अरुणाभा कर वर्तमान में पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लोकपाल के रूप में कार्यरत हैं। इस दौरान उन्होंने शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाकर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया। मनरेगा से जुड़ी कई शिकायतों के समाधान से ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के प्रति विश्वास बढ़ा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार हुआ।

वर्ष 2020 में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चयनित होकर वे पूर्वी सिंहभूम जिला की स्थायी लोक अदालत में जूरी सदस्य बने। इस भूमिका में उन्होंने बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन और दूरसंचार से जुड़े हजारों विवादों का आपसी सहमति से निपटारा किया। कोरोना काल में भी उनका योगदान सराहनीय रहा, जिससे आम लोगों को त्वरित न्याय मिला।

सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अरुणाभा कर झारखंड स्टेप अप ट्रस्ट के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक हैं। संस्था के माध्यम से उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी विकास पर निरंतर कार्य किया है। सारंडा क्षेत्र में आदिवासी आजीविका पर किए गए उनके शोध को झारखंड सरकार ने फेलोशिप देकर सम्मानित किया था।

अरुणाभ कर एक वरिष्ठ पत्रकार भी हैं। जनपक्षधर और शोधपरक पत्रकारिता के लिए उन्हें “जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर 2025” से सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में 34 वर्षों के योगदान के लिए सिविल सर्जन, जमशेदपुर द्वारा भी उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ है। उनके कार्यों का उल्लेख देश की प्रसिद्ध “वी केयर मीडिया” की वार्षिक मैगजीन में भी किया गया है।

सूचना आयुक्त पद के लिए अपनी दावेदारी रखते हुए अरुणाभा कर ने कहा कि यह पद उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के प्रति सेवा का अवसर है। उन्होंने भरोसा जताया कि अपने अनुभव और उपलब्धियों के बल पर वे झारखंड में सूचना के अधिकार को और अधिक प्रभावी व विश्वसनीय बनाएंगे।

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