जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं की प्रगति को लेकर गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न कारणों से लंबित पड़ी सड़क परियोजनाओं की स्थिति का आकलन कर उन्हें शीघ्र गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना रहा।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संचालित परियोजनाओं में आ रही अड़चनों पर विस्तार से चर्चा की। सड़क एवं एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के क्रम में अतिक्रमण, भूमि अधिग्रहण, विद्युत लाइन, पेयजल पाइपलाइन शिफ्टिंग, स्वच्छता और जूस्को से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक सप्ताह के भीतर संयुक्त स्थल निरीक्षण करें, आवश्यक सर्वे कर समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालें, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो।
अतिक्रमण से जुड़े मामलों में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत नक्शा और डिजाइन के अनुसार अविलंब कार्रवाई करते हुए कार्य प्रारंभ किया जाए। भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रकरणों में समयबद्ध रूप से अनुमन्य मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गलत म्यूटेशन के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंचल निरीक्षक, जमशेदपुर को गलत म्यूटेशन को रद्द करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया। बाबा तिलका माझी डिमना चौक से जुड़े मामले पर अनुमंडल पदाधिकारी को संबंधित पक्षों से वार्ता कर समाधान निकालने का निर्देश भी दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि सड़क परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास और आवागमन को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए सभी कार्य पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं और निर्माण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित न हों। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों के पदाधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान की अपील की।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी, अपर उपायुक्त भागीरथ प्रसाद, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गुंजन कुमारी सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम चंद्रजीत सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं जूस्को के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

