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बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान शुरू, 20 जिलों की 122 सीटों पर हो रही वोटिंग, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

पटना।बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मंगलवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है। राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदाता अपने जनप्रतिनिधियों के चयन के लिए वोट डाल रहे हैं। मॉक पोल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान शांतिपूर्ण माहौल में प्रारंभ हुआ। राज्यभर में मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिनमें महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है।

इस चरण में कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1165 पुरुष, 136 महिला और 1 थर्ड जेंडर प्रत्याशी शामिल हैं। इनके राजनीतिक भविष्य का फैसला राज्य के 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता करेंगे। इनमें 1.95 करोड़ पुरुष मतदाता, 1.74 करोड़ महिला मतदाता, 404 हजार दिव्यांग, 63,373 सर्विस वोटर, 943 थर्ड जेंडर मतदाता, 43 एनआरआई मतदाता, और 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 7.69 लाख से अधिक युवा मतदाता शामिल हैं।

राज्य के कुल 45,399 मतदान केंद्रों में से 40,073 केंद्र ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। हिसुआ (नवादा) सीट पर सबसे अधिक 3.67 लाख मतदाता हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा 22-22 है। इस चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चार लाख से अधिक जवान तैनात

दिल्ली में सोमवार शाम हुए बम धमाके के बाद बिहार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि दूसरे चरण के चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले चरण से भी ज्यादा कड़ी की गई है। जिन जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें से कई भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हैं—जैसे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज। इन जिलों में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

डीजीपी ने कहा कि सीमा पार गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है और पड़ोसी राज्यों के डीजीपी से भी समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

राज्यभर में चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्रों के आसपास ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। निर्वाचन आयोग के अधिकारी वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान प्रक्रिया की वास्तविक समय में मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सीमांचल क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प

दूसरे चरण के तहत जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें अधिकांश सीमांचल क्षेत्र की सीटें हैं—जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। यही कारण है कि यह चरण एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सीमांचल की सीटों पर स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की राजनीति का भी असर देखने को मिल रहा है।

पहले चरण के मतदान में राज्य की 121 सीटों पर करीब 65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। अब दूसरे चरण में भी मतदाताओं में समान उत्साह देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि जनता लोकतंत्र के इस पर्व में पूरे जोश से हिस्सा ले रही है।

चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और शांतिपूर्ण मतदान में प्रशासन का सहयोग दें।

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