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कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा बीएड विभाग के कार्यरत महिला शिक्षिकाओं का हो रहा अधिकारों का हनन— डॉ विशेश्वर यादव

कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा बीएड विभाग के कार्यरत महिला शिक्षिकाओं का हो रहा अधिकारों का हनन— डॉ विशेश्वर यादव

समाज के निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका अमूल्य है। वे केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा, खेल और राष्ट्र की सशक्त आधारशिला भी हैं। उनकी शक्ति, धैर्य, संघर्ष और प्रेम हर क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत है।

 

मैं डॉक्टर विश्वेश्वर यादव, आप सभी माताओं, बहनों और बेटियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूँ। यह दिन हमें महिलाओं के अधिकारों, उनके संघर्षों और उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने का फैसला लिया था. की सभी महिलाओं का अधिकार, सम्मान पुरुषों के बराबर मिले. लेकिन कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा द्वारा बीएड विभाग में कार्यरत महिलाओं के साथ पुरुषों का भी अधिकार का हनन हो रहा है. 8 महीना से उनका सेवा विस्तार नहीं दिया गया है. और 5 महीना से उनका वेतन निलंबित है. शिक्षकों द्वारा अपना काम किया जा रहा है और अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है. हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम एक ऐसे समाज का निर्माण करें. जहाँ हर महिला सहित सभी को अधिकार, समानता, सुरक्षा और सम्मान मिले।

 

आइए, हम सब मिलकर महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास करें। समाज तभी प्रगति करेगा. जब महिलाओं को उनका हक, अधिकार और सम्मान मिलेगा।

 

“नारी शक्ति है, नारी संस्कार है, नारी ही सृजन का आधार है!”

 

आप सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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