आदित्यपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित आयडा की खाऊ गली में महज 150 रुपये के चाउमीन और चिकन चिली के ऑर्डर को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। दुर्गा पूजा के दौरान हुई इस घटना में गंभीर रूप से घायल मानगो निवासी शिखर तिर्की की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को मुख्य आरोपी समेत दुकानदार के परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू और तवा भी बरामद किया है। दोनों सामानों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
घटना को लेकर शिकायतकर्ता सागर झा ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ आयडा स्थित खाऊ गली की एक दुकान पर हाफ चाउमीन और चिकन चिली लेने पहुंचा था। ऑर्डर के लिए 150 रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया गया था, लेकिन खाना मिलने में देरी होने लगी। इसी बात को लेकर दुकानदार और ग्राहकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे गाली-गलौज तक पहुंच गई। आरोप है कि दुकानदार द्वारा रुपये वापस कर दिए जाने के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।
शिकायत के अनुसार, सालडीह बस्ती के हरि मंदिर, डी रोड निवासी दुकानदार के परिवार के सदस्य भी विवाद में शामिल हो गए। इसी दौरान दुकानदार के बेटे ऋषभ बरुवा ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में मानगो निवासी लाइटिंग मिस्त्री शिखर तिर्की गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने पहुंचे सागर झा, सन्नी और अरुण पांडे भी जख्मी हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शिखर तिर्की ने दम तोड़ दिया।
आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने बताया कि सागर झा की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान मुख्य आरोपी ऋषभ बरुवा, उसके भाई मोहित बरुवा, पिता मोहन बरुवा, मां ऋषिका बरुवा और बहन मुक्ति बरुवा को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मामूली विवाद में हुई इस वारदात ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया। त्योहार के दौरान हुई इस हिंसक घटना ने गुस्से और आपसी विवाद के भयावह परिणाम को एक बार फिर सामने ला दिया है।

