जमशेदपुर। खेल, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से टाटा स्टील ने जमशेदपुर हाफ मैराथन के 11वें संस्करण की घोषणा की है। इस वर्ष मैराथन की थीम ‘रन फॉर द ग्रीनर टुमॉरो’ यानी ‘हरित भविष्य के लिए दौड़ें’ रखी गई है। आयोजन के तहत पंजीकरण कराने वाले प्रत्येक धावक के नाम पर एक पौधा लगाया जाएगा। इसके माध्यम से कंपनी ने शहरवासियों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ने की पहल की है।
टाटा स्टील द्वारा आयोजित जमशेदपुर हाफ मैराथन पिछले एक दशक में शहर के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल हो चुकी है। इस प्रतियोगिता में पेशेवर धावकों के अलावा फिटनेस के प्रति जागरूक नागरिकों, युवाओं, परिवारों और विभिन्न संस्थानों की भागीदारी लगातार बढ़ी है। पिछले वर्ष मैराथन के दसवें संस्करण में 4,200 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था। इस बार आयोजन को और व्यापक बनाने की तैयारी की गई है।
इस वर्ष पौधरोपण को मैराथन की एक महत्वपूर्ण विशेषता बनाया गया है। लगाए गए पौधों से प्रतिभागियों को जोड़ने के लिए उन्हें बाद में पौधरोपण स्थल पर आने और अपने नाम पर लगाए गए पौधे को देखने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इससे धावक पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से सीधे जुड़ सकेंगे और हरित भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका महसूस कर सकेंगे।
टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष डीबी सुंदरा रामम ने गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जमशेदपुर हाफ मैराथन अब केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह स्वास्थ्य, सामुदायिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव बन चुकी है। खेल लोगों को एकजुट करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।
मैराथन में हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और पांच किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाएगी। तीनों श्रेणियों के महिला एवं पुरुष वर्गों के लिए कुल 9.18 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। हाफ मैराथन में महिला और पुरुष वर्ग के विजेताओं को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। दूसरे स्थान पर रहने वाले धावकों को 75 हजार, तीसरे स्थान पर 51 हजार, चौथे स्थान पर 31 हजार और पांचवें स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये मिलेंगे।
दस किलोमीटर की दौड़ में महिला और पुरुष वर्ग के विजेताओं को 51-51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। दूसरे स्थान के लिए 41 हजार, तीसरे के लिए 31 हजार, चौथे के लिए 21 हजार और पांचवें स्थान के लिए 11 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, पांच किलोमीटर दौड़ के दोनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को 10-10 हजार रुपये मिलेंगे। दूसरे स्थान पर आठ हजार, तीसरे पर सात हजार, चौथे पर छह हजार और पांचवें स्थान पर रहने वाले धावकों को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।
आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समूह में पंजीकरण कराने वालों को ग्रुप डिस्काउंट की सुविधा भी दी जाएगी। 15 नवंबर तक पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागियों को उनके नाम वाली रेस बिब उपलब्ध कराई जाएगी। पहली बार पांच किलोमीटर की दौड़ पूरी करने वाले प्रतिभागियों को भी पदक प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा दो किलोमीटर की दौड़ भी आयोजित की जाएगी, ताकि अलग-अलग आयु वर्ग और क्षमता वाले लोग इस आयोजन में हिस्सा ले सकें।
पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आयोजन की व्यवस्थाओं में भी शामिल किया गया है। प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए बायोडिग्रेडेबल गिलासों का उपयोग किया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य है कि मैराथन केवल हरित भविष्य का संदेश देने तक सीमित न रहे, बल्कि इसके आयोजन की प्रक्रिया भी पर्यावरण के अनुकूल हो।
टाटा स्टील ने कहा कि खेल उसके राष्ट्र निर्माण, सामुदायिक विकास और समग्र कल्याण से जुड़े प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी एक सदी से अधिक समय से जमशेदपुर में खेल सुविधाओं के विकास, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देती रही है। देश और विदेश में भी कंपनी विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं के माध्यम से फिटनेस तथा सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करती है। इनमें टाटा स्टील वर्ल्ड 25के कोलकाता, नोआमुंडी रनाथन, कपिलाश हाफ मैराथन, ब्रिटेन की लानेली हाफ मैराथन और रिचर्ड बर्टन 10के तथा नीदरलैंड की मार्केटेलूप रन शामिल हैं।
इस वर्ष इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) मैराथन की हॉस्पिटैलिटी पार्टनर होगी। टाटा स्टील ने शहरवासियों, धावकों, शैक्षणिक संस्थानों, कॉरपोरेट संगठनों और परिवारों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कर आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है। कंपनी के अनुसार, इस पहल का व्यापक उद्देश्य खेल के माध्यम से स्वस्थ समाज का निर्माण करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत बनाना है।

