चाईबासा: 27वें विश्व दृष्टि दिवस माह के अवसर पर गुरुवार को टुंगरी स्थित संजीव नेत्रालय एवं डेंटल केयर में नेत्र देखभाल के क्षेत्र में गैर सरकारी संगठनों की सहभागिता विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। जिला स्वास्थ्य समिति, पश्चिमी सिंहभूम और गैर सरकारी संगठन खगेश चंद्र सेवा ट्रस्ट, टुंगरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘अपनी आंखों से प्यार करें, यह सिर्फ दृष्टि नहीं है, बल्कि आपका पूरा भविष्य है’ रखी गई। कार्यक्रम में आंखों की सुरक्षा, नेत्र रोगों से बचाव और उपचार की उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा हुई।
संजीव नेत्रालय की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जया जारिका ने उपस्थित लोगों और मरीजों के साथ आए परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि आंखें अनमोल हैं। इनकी देखभाल में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। आंखों में किसी तरह की परेशानी होने पर नजदीकी नेत्र चिकित्सक या नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के आंखों में किसी भी तरह की दवा नहीं डालनी चाहिए।
सदर अस्पताल, चाईबासा के नेत्र सहायक रमण कुमार सिंह ने कहा कि दृष्टि संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए सदर अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां लगातार मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे मरीजों को दृष्टि वापस पाने में मदद मिल रही है और वे दोबारा अपने आसपास की दुनिया देख पा रहे हैं।
साइटसेवर्स, पश्चिमी सिंहभूम के जिला कार्यक्रम समन्वयक बासुदेव नायक ने भी आंखों की देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना आंखों में दवा डालने से बचना चाहिए। आंखों में किसी भी तरह की परेशानी होने पर विशेषज्ञ से जांच कराकर उचित उपचार कराना जरूरी है।
परिचर्चा के दौरान नेत्र देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समय पर जांच और उचित उपचार से कई तरह की दृष्टि संबंधी समस्याओं से बचाव संभव है।
कार्यक्रम में खगेश चंद्र सेवा ट्रस्ट, टुंगरी, चाईबासा के साहिल सामड और बुधराम गोप के अलावा सोनिया ईचागुटू, लाजवंती मुंदुईया, लक्ष्मी हेम्ब्रम, जसमनी बारी, सुशीला कारवा, संजना कारवा, शम्भू कुमार यादव और शम्भू गोप सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

