जमशेदपुर। रेलवे ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में चक्रधरपुर, खड़गपुर, रांची और आद्रा मंडल के कुल 286 वरिष्ठ एवं सहायक लोको पायलटों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने रेलवे ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही के कारणों और ऐसे समय में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण पूर्व रेलवे के चारों मंडलों में हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र हैं। हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों से होकर रेलखंड गुजरने, भोजन और पानी की तलाश तथा रात में कम दृश्यता के कारण हाथियों के रेलवे ट्रैक तक पहुंचने की आशंका बनी रहती है। रेलवे ट्रैक का समतल होना भी उन्हें आकर्षित करता है।
संतोष कुमार ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर रेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा उपाय किए जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में निर्धारित गति सीमा और परिचालन संबंधी निर्देशों का पालन करना जरूरी है। ट्रैक पर हाथी दिखाई देने की स्थिति में लोको पायलटों को सुरक्षा नियमों के अनुरूप गति नियंत्रित करने और संबंधित रेल अधिकारियों को तत्काल सूचना देने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ यात्रियों और रेलकर्मियों की जान बचाना भी रेल परिचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम और पावरपॉइंट प्रस्तुति के जरिए सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद आउटडोर मैदान में मॉक ड्रिल आयोजित कर प्राथमिक उपचार और अग्नि सुरक्षा का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। डेमोस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह ने हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट के बीच अंतर समझाया तथा सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी भी दी।
वहीं, डेमोस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार देने और बैंडेज करने की तकनीकों का अभ्यास कराया। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में घायल की स्थिति के अनुसार तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के महत्व को रेखांकित किया।
प्रशिक्षण में रिफ्रेशर और प्रमोशनल कोर्स कर रहे ऐसे लोको पायलट शामिल हुए, जो वंदे भारत, दुरंतो, राजधानी, सुपरफास्ट, पैसेंजर और मालगाड़ियों का परिचालन करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने रेल सिविल डिफेंस टीम के प्रशिक्षण की सराहना की। आयोजन का उद्देश्य रेलकर्मियों को वन्यजीव संरक्षण, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना था।

