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Wed. Oct 21st, 2026

*पुरनिया गांव में विधिक जागरूकता शिविर, डायन कुप्रथा के खिलाफ किया जागरूक* *डीएलएसए की पहल पर ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता और आदिवासी अधिकारों से जुड़ी योजनाओं की दी गई जानकारी*

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), चाईबासा की ओर से बुधवार को तांतनगर प्रखंड के पुरनिया गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक किया गया।

यह शिविर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के निर्देश पर आयोजित किया गया। शिविर में पैनल अधिवक्ता महेंद्र दोराईबुरू ने ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता, उपभोक्ता फोरम, सड़क दुर्घटना से संबंधित कानून तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) की आदिवासी अधिकार संरक्षण योजना-2015 के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महेंद्र दोराईबुरू ने बताया कि नालसा की आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन से संबंधित योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के लोगों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना, कानूनी सहायता देना और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकार की सहायता लेने की अपील की।

शिविर में डायन कुप्रथा के दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि ऐसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अंधविश्वास के कारण प्रताड़ित न किया जाए।

इस दौरान ग्रामीणों ने कानूनी प्रावधानों और योजनाओं से संबंधित कई सवाल पूछे, जिनका जवाब देकर उनकी शंकाओं को दूर किया गया। मौके पर ग्रामीण मुंडा, अधिकार मित्र और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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