चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 174वीं बटालियन में बुधवार, 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस एवं पुलिस झंडा दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कमांडेंट मनोज डंग के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया गया। अधिकारियों और जवानों ने शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सेना के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ के 10 वीर जवानों के बलिदान को विशेष रूप से याद किया गया। 21 अक्टूबर 1959 को दुर्गम परिस्थितियों में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने चीनी सैनिकों के हमले का बहादुरी से मुकाबला किया था। संख्या और संसाधनों की चुनौतियों के बावजूद जवानों ने पीछे हटने के बजाय अदम्य साहस का परिचय दिया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन वीर जवानों की शहादत भारतीय पुलिस बलों के इतिहास में साहस और कर्तव्यपरायणता की अमिट मिसाल है। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस देशवासियों को याद दिलाता है कि आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा करने के लिए पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते।
इस अवसर पर पुलिस झंडा दिवस के माध्यम से भी पुलिस और सशस्त्र बलों की सेवा भावना, अनुशासन, वीरता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करने और देश की सुरक्षा के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा तथा समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी रजनीश कुमार, उप कमांडेंट धर्मेंद्र नारायण सिंह, उप कमांडेंट शांति किस्कू, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. (श्रीमती) विजय लक्ष्मी चौहान और सहायक कमांडेंट पन्नालाल साव सहित वाहिनी के अन्य अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए उनके त्याग और वीरता को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

