आदित्यपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में जियाडा और स्वर्णरेखा परियोजना के समीप सर्विस रोड पर हुई मानगो निवासी शेखर की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फास्ट फूड दुकान से जुड़े पिता-पुत्र समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर घटना की वजह और वारदात में उनकी कथित भूमिका का पता लगाने में जुटी है। इस घटना में शेखर की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी घायल हुआ है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, मानगो निवासी शेखर दुर्गा पूजा के दौरान आदित्यपुर के एक पूजा पंडाल में इलेक्ट्रीशियन का काम कर रहा था। बताया जाता है कि देर रात वह अपने साथियों के साथ जियाडा और स्वर्णरेखा परियोजना के समीप स्थित सर्विस रोड पर एक फास्ट फूड दुकान में खाना खाने पहुंचा था। इसी दौरान ऑर्डर में देरी अथवा किसी अन्य बात को लेकर दुकान से जुड़े लोगों के साथ उसका विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दुकान से जुड़े लोगों ने शेखर और उसके साथियों के साथ मारपीट की तथा धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में शेखर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना में घायल दूसरे युवक का इलाज चल रहा है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और हमले के पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
शेखर की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच तेज करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ और चाकूबाजी में किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
इस हत्याकांड ने आदित्यपुर की उस सर्विस रोड पर सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के सवाल भी खड़े कर दिए हैं, जहां पिछले करीब एक साल से फास्ट फूड दुकानों के संचालन और कथित अतिक्रमण को लेकर चर्चा होती रही है। स्थानीय स्तर पर देर रात तक संचालित होने वाली दुकानों की निगरानी और सड़क किनारे अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जरूरत भी उठती रही है। अब हत्या की घटना के बाद इन मुद्दों पर प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। हालांकि, अतिक्रमण और हत्या के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मामूली विवाद ने किस तरह हिंसक रूप लिया और एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।

