जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडिपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की घटना का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शूटरों, साजिशकर्ताओं और सहयोगियों समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, छह गोलियां, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और एक राउटर बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल आरोपियों का पूर्व से भी हत्या, लूट, रंगदारी, मारपीट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामलों का इतिहास रहा है।
पुलिस के मुताबिक 26 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे उडिपी रेस्टोरेंट में डोमनिक सैम्सन, रिजवान, दानिश और कृष्णा चौधरी को निशाना बनाकर अपराधियों ने करीब 12 राउंड फायरिंग की थी। गोलीबारी में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने गोलीकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं और शूटरों की पहचान करते हुए कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल को डोबो पुल के पास से गिरफ्तार किया। इसके अलावा अविनाश ठाकुर, रूपेश सिंह और ओम सिंह उर्फ ओम बच्चा समेत अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में मोहन यादव और अजीत मंडल ने घटना में इस्तेमाल हथियारों को मरीन ड्राइव स्थित फागूबाबा आश्रम के पीछे झाड़ियों में छिपाए जाने की जानकारी दी। पुलिस टीम दोनों को लेकर हथियार बरामद करने पहुंची, जहां उनकी निशानदेही पर दो पिस्टल और गोलियां बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी के बाद वापस लौटने के दौरान अजीत मंडल ने एक पुलिसकर्मी का सर्विस रिवॉल्वर छीनकर अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस टीम पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। जवाब में आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने भी तीन राउंड फायरिंग की। इस कार्रवाई में अजीत मंडल और मोहन यादव के पैर के निचले हिस्से में एक-एक गोली लगी। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस संबंध में सोनारी थाना में पुलिस अभिरक्षा से भागने, सरकारी हथियार छीनने, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने 7 अक्टूबर को अविनाश ठाकुर और रूपेश सिंह को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, अविनाश के पास से 9 एमएम की लोडेड पिस्टल, अतिरिक्त लोडेड मैगजीन और गोलीकांड में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस ने बताया कि अजीत मंडल के खिलाफ सीतारामडेरा थाना में हत्या समेत कई मामले लंबित हैं। उसे एक हत्या के मामले में 27 नवंबर 2019 को जिला न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले भी दर्ज हैं। वहीं मोहन यादव के खिलाफ सोनारी थाना में हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं और उसे उडिपी रेस्टोरेंट गोलीकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के बाद गोलीकांड की साजिश, शूटरों और सहयोगियों की कड़ियां सामने आई हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

