जमशेदपुर: केरला पब्लिक स्कूल कदमा की मेजबानी में 26वें ‘लेट्स मेक अ डिफरेंस’ (LMAD) जमशेदपुर यूथ कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शहर के विभिन्न स्कूलों से आए करीब 250 विद्यार्थियों ने आत्मचिंतन, जीवन मूल्यों और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया। सुबह 7:15 बजे से शाम 5 बजे तक चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपनी आदतों, सोच, लक्ष्यों और जीवन के उद्देश्य पर गंभीरता से विचार करने का अवसर मिला।
दिन की शुरुआत प्रार्थना और ‘क्वाइट टाइम’ सत्र से हुई। कॉन्फ्रेंस के संयोजक और प्रमुख संचालक विरल मजूमदार ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने ईमानदारी, प्रेम, पवित्रता और निःस्वार्थ भाव जैसे मूल्यों के आधार पर अपने विचारों और व्यवहार का आकलन करने पर जोर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने कुछ समय मौन रहकर आत्मचिंतन किया।
गांधी जयंती के अवसर पर भार्गवी सोंगरीकर ने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों पर चर्चा की। इस दौरान सितंबर की शुरुआत में दिवंगत हुए डॉ. अमित मुखर्जी को श्रद्धांजलि भी दी गई। कॉन्फ्रेंस के समन्वयक राजीव अग्रवाल ने उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सत्रों में ‘द पिरामिड ऑफ लाइफ’ भी शामिल रहा। इस सत्र में विद्यार्थियों ने अपनी आदतों, रुचियों, लक्ष्यों और जीवन के उद्देश्य को समझने की कोशिश की। उन्होंने अपने विचारों को लिखकर व्यवस्थित किया और बाद में समूह चर्चाओं के दौरान अपने अनुभव साझा किए। आयोजकों के अनुसार, चर्चा के दौरान कई विद्यार्थियों ने अपनी आकांक्षाओं और भविष्य की दिशा को लेकर अधिक स्पष्टता महसूस की।
दोपहर बाद हुए समूह सत्रों में विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ। कार्यक्रम का अंतिम सत्र ‘डेलाइट सेविंग’ रहा, जिसका संचालन सायोक सरकार ने किया। इसमें समय के महत्व, समय की बर्बादी को पहचानने और रोजमर्रा की जिंदगी में समय का बेहतर इस्तेमाल करने से जुड़ी व्यावहारिक आदतों पर चर्चा की गई।
आयोजन के संचालन में राजीव अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल, भीष्म, सोनू, विजय राणे और भार्गवी की भूमिका रही। स्थानीय टीम के सदस्यों ने भी कार्यक्रम के संचालन और विद्यार्थियों के साथ विभिन्न गतिविधियों में योगदान दिया।
आयोजकों ने बताया कि LMAD यूथ कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य युवाओं को रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से कुछ समय निकालकर खुद को समझने, अपने विचारों पर सवाल करने और जीवन के प्रति अधिक जागरूक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर देना है।

